UN महासचिव ने जमकर की भारत की तारीफ, कहा- AI समिट के लिए बिल्कुल सही जगह, चीन-यूएस को दिखाया आईना
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Feb 15, 2026, 11:22 AM IST
AI शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करने जा रहे गुटेरेस ने जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा कि एआई सिर्फ सबसे विकसित देशों का विशेषाधिकार हो या केवल दो महाशक्तियों के बीच का विभाजन हो, जो स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन की ओर इशारा था।
UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
AI Summit in India: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारतीय अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की है। गुटेरेस ने कहा है कि भारत एक बेहद सफल उभरती अर्थव्यवस्था है जिसका वैश्विक मामलों में व्यापक प्रभाव है, और एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए बिल्कुल सही जगह है। भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में गुटेरेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए, न कि यह सिर्फ विकसित देशों या दो महाशक्तियों का विशेषाधिकार बना रहे।
भारत को हार्दिक बधाई देता हूं
उन्होंने कहा, मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और वैश्विक दक्षिण के देश भी एआई के लाभों का हिस्सा बनें। 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह 'लोग, ग्रह और प्रगति' के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है।
AI शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करने जा रहे गुटेरेस ने जोर देकर कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य होगा कि एआई सिर्फ सबसे विकसित देशों का विशेषाधिकार हो या केवल दो महाशक्तियों के बीच का विभाजन हो, जो स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन की ओर इशारा था।
कहा- एआई समिट के लिए भारत सही जगह
गुटेरेस ने कहा, यह बेहद जरूरी है कि एआई मानव जाति के हित के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने। भारत, जो आज एक बेहद सफल उभरती अर्थव्यवस्था है और न सिर्फ वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी अपना प्रभाव बढ़ा रही है, इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत सही जगह है। यहां एआई की अपार संभावनाओं और जोखिमों पर गहराई से चर्चा होनी चाहिए, लेकिन यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एआई पूरी दुनिया का हो, न कि सिर्फ कुछ ही लोगों का।
जुट रहे हैं कई टेक दिग्गज और नेता
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा सहित विश्व के नेताओं से लेकर गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई सहित प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गजों तक, यह शिखर सम्मेलन एआई के भविष्य के मार्ग पर गहन चर्चा के लिए दुनिया भर के नेताओं, नीति निर्माताओं और नवप्रवर्तकों को एक साथ ला रहा है। गुटेरेस ने पिछले साल के अंत में जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से और न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी।
बहुध्रुवीय विश्व में भारत के योगदान पर प्रकाश डाला
बहुध्रुवीयता के प्रति अपने प्रबल समर्थन को रेखांकित करते हुए, गुटेरेस ने बहुध्रुवीय विश्व में भारत के योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि वे नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारतीय नेतृत्व के साथ इस विषय पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, विश्व में हमें दो चीजों से बचना होगा। हमें ऐसी व्यवस्था से बचना होगा जिसमें केवल एक शक्ति का पूर्ण वर्चस्व हो या ऐसी व्यवस्था जिसमें विश्व दो महाशक्तियों के बीच विभाजित हो।
गुटेरेस ने आगे कहा कि वे विश्व में सच्ची बहुध्रुवीयता की आवश्यकता के प्रबल समर्थक हैं। सच्ची बहुध्रुवीयता के लिए उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे एक मजबूत भूमिका निभाएं और व्यापार, प्रौद्योगिकी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग संबंधों का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित करें। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुआ व्यापार समझौता एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत सबसे महत्वपूर्ण उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
