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कंगाल पाकिस्तान 2019 में भारत के खिलाफ परमाणु युद्ध की कर चुका था तैयारी, खुलासा

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jan 25, 2023, 02:27 PM IST

अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो का कहना है कि 2019 में फरवरी का महीना भारत, पाकिस्तान और अमेरिका तीनों के लिए अहम था। बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों में तनाव चरम पर था और दुनिया परमाणु युद्ध के मंजर का गवाह बन सकती थी

पाकिस्तान बदहाल और कंगाल है। खाने के लाले, जमाखोरी से त्रस्त पाकिस्तान की सरकार अपने मुलाजिमों की सैलरी में 10 फीसद की कटौती की तैयारी में है। लेकिन पाकिस्तान के हुक्मरानों के दिमाग में भारत के खिलाफ जहरीली सोच बार बार बाहर आती रही है। अमेरिका के तत्कालीन विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने के किताब Never give an inch से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। किताब के मुताबिक 2019 में पाकिस्तान और भारत परमाणु युद्ध के बेहद करीब थे। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान बौखला गया और वो किसी भी हद तक जा सकता था। माइक पोंपियो किताब में जिक्र करते हैं कि हमारे हस्तक्षेप की वजह से बड़ा संकट टल गया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस बात को शायद ही अच्छी तरह से समझती रही होगी कि 2019 में भारत और पाकिस्तान परमाणु लड़ाई के कितने करीब थे। सीआईए के मुखिया रहे और अमेरिका के विदेश मंत्रालय की कमान संभालने वाले माइक पोंपियो ने अपनी किताब नेवर गिव एन इंच में विस्तार से भारत पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों पर विस्तार से जानकारी दी।

बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद बढ़ा तनाव

भारत ने 2019 में पाकिस्तान के अंदर जाकर बालाकोट में एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया था जो भारत की पारंपरिक नीति से अलग हटकर था। बालाकोट स्ट्राइक के तुरंत बाद पाकिस्तान ने इंडियन एयरफोर्स के लड़ाकू विमान को मार गिराया था। पाकिस्तान ने अपनी सीमा में घुसपैठ का आरोप लगाया था। पोंपियो बताते हैं कि भारतीय उपमहाद्वीप में जब इतनी बड़ी घटनाएं हो रही थीं उस वक्त वो हनोई में ट्रंप और किम जोंग की बैठक के सिलसिले में थे। वो सो रहे थे कि फोन की घंटी बजी जोकि भारत के किसी वरिष्ठ अधिकारी की थी। भारत को ऐसा लगा कि पाकिस्तान की तरफ से न्यूक्लियर वार की तैयारी की जा रही है। भारत ने भी जानकारी दी कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए वो भी तैयारी पर विचार कर रहा है। पोंपियो ने कहा कि उन्होंने कहा कि आप कुछ भी ना करें मामले को सुलझाने के लिए एक मिनट का समय दें। कोई भी देश वो कदम नहीं उठा सकता था जिसे उस रात बड़े खतरे को टालने के लिए उन्होंने कोशिश की थी।

ललित राय
ललित राय author

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।और देखें

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