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'भारत को पहले ही आमंत्रित कर चुके हैं...' जेलेंस्की ने दूसरे शांति शिखर सम्मेलन की जरूरत पर कहा

Volodymyr Zelensky: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, हम चीन को आमंत्रित करते हैं। हम ब्राजील को आमंत्रित करते हैं। मैंने भारत को पहले ही आमंत्रित किया है। हम अफ्रीकी देशों, सभी लातिन अमेरिकी देशों, पश्चिम एशिया, मध्य एशिया, यूरोप, प्रशांत क्षेत्र और उत्तर अमेरिका सभी के लिए काम कर रहे हैं।

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वोलोदिमीर जेलेंस्की-पीएम मोदी

Photo : Twitter

Volodymyr Zelensky: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के लिए हमें दूसरे शांति शिखर सम्मेलन के लिए तैयार रहना होगा। इस दौरान उन्होंने भारत तथा अन्य देशों को शांति प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

जेलेंस्की ने यूक्रेन संघर्ष पर सुरक्षा परिषद की एक बैठक में मंगलवार को यहां कहा, हम सभी जानते हैं कि अगर हम ईमानदारी से स्थिति को देखें और वास्तव में रूस के युद्ध को रोकना चाहते हैं तो क्या करने की जरूरत है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दुनिया को गुटों या क्षेत्रीय समूहों में नए और अनावश्यक विभाजन किए बिना एकजुटता के साथ मिलकर काम करना चाहिए।

'एकता हमेशा शांति के लिए काम करती है'

जेलेंस्की ने कहा, एकता हमेशा शांति के लिए काम करती है और हमें इस युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए दूसरे शांति शिखर सम्मेलन के वास्ते तैयार रहना होगा। और मैं आप सभी, सभी प्रमुख देशों को इस प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं जो वाकई में संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, हम चीन को आमंत्रित करते हैं। हम ब्राजील को आमंत्रित करते हैं। मैंने भारत को पहले ही आमंत्रित किया है। हम अफ्रीकी देशों, सभी लातिन अमेरिकी देशों, पश्चिम एशिया, मध्य एशिया, यूरोप, प्रशांत क्षेत्र और उत्तर अमेरिका सभी के लिए काम कर रहे हैं।

पीएम मोदी से जेलेंस्की ने की थी मुलाकात

जेलेंस्की ने सोमवार को न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। यूक्रेन ने जेलेंस्की और मोदी की मुलाकात का अनुरोध किया था। यह बैठक क्वाड नेताओं के शिखर सम्मेलन और संयुक्त राष्ट्र के समिट ऑफ द फ्यूचर के लिए मोदी के संबोधन के इतर हुई थी। दोनों नेताओं के बीच लगभग तीन महीने में यह तीसरी मुलाकात है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने कीव में यूक्रेनी नेता से मुलाकात की थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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