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इमरान की अपील से क्या फिर जलेगा पाकिस्तान? शरीफ सरकार की टेंशन क्यों बढ़ा रही लाहौर रैली

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 25, 2023, 08:15 AM IST

इमरान खान ने लाहौर की मीनार पर एक रैली बुलाई है। यह रैली आज रात होने वाली है। रैली से पहले इमरान खान ने जनता से अपील कर कहा है कि अगर कोई आपको यहां आने से रोकता है तो आप उसको बता देना कि यह आपका मौलिक अधिकार है।

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इमरान खान

Photo : AP

Pakistan Imran Khan News: पाकिस्तान इन दिनों गंभीर आर्थिक और सियासी संकट से जूझ रहा है। जब से इमरान खान अपदस्थ किए गए हैं, शहबाज शरीफ सरकार और पीटीआई सुप्रीमो इमरान खान के बीच सियासी जंग तीखी होती जा रही है। आए दिन रैलियों और विरोधी प्रदर्शनों से जनता त्रस्त है और प्रशासन और सरकार कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने लाहौर में एक और बड़ी रैली का ऐलान कर दिया है। उन्होंने शनिवार (25 मार्च) रात लाहौर की मीनार पर एक रैली बुलाई है। इमरान खान ने कहा है कि आज हम पाकिस्तान मीनार पर अपना छठा जलसा करने जा रहे हैं।

जनता से की अपील

इस रैली से पहले इमरान खान ने जनता से खास अपील की है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शनिवार को लिखा है कि अगर इस जलसे में आने से आपको कोई रोकता है तो आप उसको बता देना, यहां आना आपका संवैधानिक अधिकार है। इमरान खान ने कहा, मैं तरावीह की नमाज के बाद शहर के सभी लोगों से इस जलसे में शिरकत करने की अपील करता हूं। इस रैली में वह पाकिस्तान की हकीकी आजादी को लेकर अपनी बात जनता से साझा करेंगे। उन्होंने आगे कहा, हो सकता है यहां तक आने से सरकार आपको रोके, लेकिन किसी भी राजनीतिक रैली में हिस्सा लेना आपका अधिकार है और आपके मौलिक अधिकारों को कोई खत्म नहीं कर सकता है।

शरीफ सरकार कर सकती है विरोध

अंदेशा जताया जा रहा है कि इमरान खान की लाहौर रैली को लेकर शरीफ सरकार ने भी खासा तैयारी की है। इमरान खान को डर है कि सरकार इस रैली में जनता को आने से रोक सकती है। यही कारण है कि उन्होंने ट्विटर हैंडल पर जनता से खास अपील की है। इससे शरीफ सरकार की टेंशन और बढ़ गई है। बता दें, इमरान खान की हर रैली में बड़ी संख्या में भीड़ जुटती है, जो मौजूदा सरकार के लिए चिंता का विषय है।

इमरान खान को सोमवार तक गिरफ्तारी से राहत

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ दर्जनों केस दर्ज किए गए हैं। बीते शुक्रवार को दर्ज पांच मामलों के खिलाफ इमरान खान ने लाहौर हाईकोर्ट का रुख किया। इमरान ने यहां, इन पांचों मामलों में गिरफ्तारी से राहत की मांग की, जिस पर अदालत ने उन्हें सोमवार (27 मार्च) तक गिरफ्तारी से राहत प्रदान की।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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