Imran Khan News: भ्रष्टाचार के एक मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तीन साल जेल की सजा सुनाई गई और शनिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में उन पर सत्ता में रहने के दौरान महंगे सरकारी उपहार बेचकर मुनाफा कमाने का आरोप है। इस्लामाबाद स्थित जिला एवं सत्र अदालत के अतिरिक्त न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने खान पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि जुर्माना नहीं देने पर उन्हें और छह महीने तक जेल में रखा जाएगा। आपको सबसे पहले समझाते हैं कि तोशखाना केस क्या है।
जानिए क्या है तोशाखाना विवाद केस
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेतृत्व वाली गठबंधन की शहबाज शरीफ सरकार ने अगस्त 2022 में इमरान खान के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, उसी वक्त तोशाखाना विवाद सामने आया। इस मुकदमे में ये आरोप लगाया गया कि पीएम रहते हुए इमरान खान को गिफ्ट मिले, लेकिन तोशखाना को जानकारी देते वक्त उन्होंने खुलासा नहीं किया। पूर्व पीएम पर ये भी आरोप लगा कि उन्होंने कुछ गिफ्ट बेच दिए और पैसे हजम कर गए।
आखिर क्या है ये तोशखाना?
दरअसल, तोशाखाना पाकिस्तान में एक विभाग है, जो कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक कंट्रोल में आता है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत शीर्ष अधिकारियों को जो गिफ्ट्स दुनियाभर से मिलते हैं, उसे तोशाखाना में ही स्टोर किया जाता है। नियम है कि कैबिनेट डिवीजन को गिफ्ट्स की रिपोर्ट देना अनिवार्य है। प्रधानमंत्री रहते हुए इमरान ने अपने गिफ्ट्स की जानकारी देने से इनकार कर दिया।
इमरान खान ने कबूल की अपनी गलती
तोशाखाना मामला गरमाया तब इमरान ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग (ECP) को चिट्ठी लिखकर ये बात कबूल की कि उन्होंने चार तोहफों को बेचा है। उन्होंने ये भी बताया कि पहले गिफ्ट्स को सरकार से खरीदा गया और फिर उन्हें बेचा गया। इन तोहफों में एक रोलेक्स की घड़ी, एक ग्राफ की घड़ी, एक कफलिंक्स, दो महंगा पेन और एक अंगूठी शामिल था। स्थानीय मीडिया ने ऐसा दावा किया था कि इमरान खान ने 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के गिफ्ट्स बेचे थे। उनपर ये भी आरोप है कि उन्होंने अधिक कीमत पर अपने तोहफे को बाजार में बेचा।
अदालत ने अपने फैसले में क्या-क्या कहा?
न्यायाधीश हुमायूं दिलावर ने अपने फैसले में कहा, 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष के खिलाफ संपत्ति की गलत घोषणा करने के आरोप साबित हुए हैं।' अदालत के फैसले के बाद इस्लामाबाद पुलिस ने पंजाब पुलिस के सहयोग से 70 वर्षीय खान को लाहौर में उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। खान के परिवार ने यह जानकारी दी। ट्विटर पर एक संक्षिप्त पोस्ट में खान की पार्टी ने कहा, 'इमरान खान को कोट लखपत जेल ले जाया जा रहा है।'
इमरान खान की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सहायक अताउल्लाह तरार ने इमरान खान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'यह बाद में तय किया जाएगा कि उन्हें रावलपिंडी की अदियाला जेल में रखा जाएगा या कहीं और।' तोशाखाना मामला पिछले साल पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) की शिकायत पर दायर किया गया था। ईसीपी इससे पहले इसी मामले में खान को अयोग्य करार दे चुकी थी। इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) द्वारा खान के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही के लिए तोशाखाना मामले की विचारणीयता को बरकरार रखने के सत्र अदालत के फैसले को रद्द करने के एक दिन बाद यह फैसला आया। ईसीपी ने 21 अक्टूबर, 2022 को खान को 'झूठे बयान और गलत जानकारी' देने के आरोप में सार्वजनिक पद संभालने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।
