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'मुझे मिडटर्म चुनाव की परवाह नहीं...' डोनाल्ड ट्रंप बोले करके रहेंगे ईरान से डील, 'हॉर्मुज' पर किसी का नियंत्रण नहीं होगा

Iran Nuclear Deal Trump: ईरान अपनी नौसेना के जरिए धौंस जमाने की कोशिश करता रहा है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी एक देश का नियंत्रण नहीं है।

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'मुझे मिडटर्म चुनाव की परवाह नहीं...' डोनाल्ड ट्रंप बोले करके रहेंगे ईरान से डील, 'हॉर्मुज' पर किसी का नियंत्रण नहीं होगा

Donald Trump Iran Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर अपनी पुरानी और आक्रामक शैली में बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसकी विस्तारवादी नीतियों को रोकने के लिए वे एक बेहद सख्त और नए समझौते (Iran Deal) को लागू करने के अपने संकल्प पर पूरी तरह अडिग हैं। इस दौरान उन्होंने घरेलू राजनीति और आगामी मिडटर्म (मध्यावधि) चुनावों को लेकर पूछे गए सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस फैसले का उनके चुनावों या राजनीतिक भविष्य पर क्या असर पड़ेगा, क्योंकि देश और दुनिया की सुरक्षा सर्वोपरि है।

वैश्विक व्यापार के लाइफलाइन पर ईरान को चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान का सबसे आक्रामक हिस्सा 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर था। इस समुद्री रास्ते को दुनिया के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में गिना जाता है, जहां अक्सर ईरान अपनी नौसेना के जरिए धौंस जमाने की कोशिश करता रहा है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी एक देश का नियंत्रण नहीं है और न ही अमेरिका कभी ऐसा होने देगा। उन्होंने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को रोकना या उस पर कब्जा करने की कोशिश करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और जरूरत पड़ने पर इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

राजनीतिक नफे-नुकसान से ऊपर उठकर फैसले का दावा

अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने वर्तमान अमेरिकी प्रशासन की नीतियों पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अक्सर नेता चुनाव हारने के डर से या मिडटर्म इलेक्शन के दबाव में आकर अंतरराष्ट्रीय मोर्चों पर ढीले फैसले लेते हैं, लेकिन वे इस लीक पर चलने वाले नहीं हैं। ट्रंप का मानना है कि ईरान जैसे देशों के साथ नरमी बरतने का नतीजा पूरी दुनिया भुगत रही है। इसलिए वे किसी भी राजनीतिक दबाव के आगे झुके बिना एक ऐसी मजबूत डील चाहते हैं जो ईरान की आर्थिक और सैन्य आक्रामकता पर पूरी तरह लगाम लगा सके। उनके इस तेवर से साफ है कि आने वाले दिनों में वैश्विक मंच पर अमेरिका और ईरान के बीच की तल्खी और ज्यादा बढ़ सकती है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ा author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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