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रूसी तेल पर ट्रंप को नहीं मिल पा रहा NATO देशों का साथ, इस मुल्क ने दिखा दिया US राष्ट्रपति को 'ठेंगा'

रोप और नाटो के देश ट्रंप की बात से सहमत नहीं है। हंगरी जो कि यूरोप और नाटो का सदस्य देश है, उसने साफ तौर पर कहा है कि वह रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सीजारो ने गॉर्जियन से बातचीत में कहा कि उनका देश रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेगा।

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रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा हंगरी। तस्वीर-AP

Photo : AP

Hungary : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि रूस से तेल खरीदना यदि देश बंद कर देते हैं तो यह लड़ाई रुक जाएगी। उनकी नजर में भारत और चीन रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदकर मास्को को धन उपलब्ध कराने वाले प्रमुख देश हैं। रूस से तेल खरीदे जाने को उन्होंने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क भी लगाया है। ट्रंप प्रशासन का जोर भी इसी बात पर है कि भारत को रूस से तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए लेकिन भारत किसी दबाव में आए रूस से तेल खरीदना जारी रखे हुए है। अमेरिकी राष्ट्रपति यूरोपीय देशों से रूसी तेल न खरीदने की अपील की है लेकिन उनके इस अनुरोध का असर होता नहीं दिखा।

हंगरी ने कहा -वह रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

यूरोप और नाटो के देश ट्रंप की बात से सहमत नहीं है। हंगरी जो कि यूरोप और नाटो का सदस्य देश है, उसने साफ तौर पर कहा है कि वह रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सीजारो ने गॉर्जियन से बातचीत में कहा कि उनका देश रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करेगा। सत्र से इतर पीटर ने कहा कि 'हम रूसी तेल अथवा गैस के बिना अपने देश के लिए सुरक्षित ऊर्जा सुनिश्चित नहीं कर सकते। रूसी तेल एवं गैस को छोड़कर कोई दूसरा विकल्प देखना संभव नहीं है।'

नाटो प्रतिबंध लगाता है तो मैं भी लगाऊंगा-ट्रंप

दरअसल, ट्रंप ने पिछले सप्ताह अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर कहा, 'नाटो के सभी देश एक साथ मिलकर रूस पर प्रतिबंध लगाते हैं तो मैं भी वैसा ही करूंगा।' दरअसल, नाटो और यूरोप के कई देश हैं जो रूस से तेल और गैस खरीदते हैं।

पूछा-क्या पुतिन पर दबाव बनाने के लिए गंभीर हैं ट्रंप?

ट्रम्प ने नाटो देशों को लेकर ये बयान रूस और यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए रूस को दी गई कई समय-सीमाओं के बाद आई है, जो बिना किसी और कार्रवाई के बीत गईं। कुछ सहयोगियों ने सवाल उठाया कि क्या वह व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बढ़ाने के बारे में गंभीर हैं या सिर्फ यूरोप पर जिम्मेदारी थोपना चाहते हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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