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आखिर कितना बड़ा है ईरान और क्या था इसका पुराना नाम? इतने देशों से साझा करता है बॉर्डर

मध्य पूर्व में स्थित एक देश अपने विशाल भू-भाग और विशेष पहचान के कारण दुनिया भर में चर्चा का विषय बना रहता है। यह न केवल क्षेत्रफल के लिहाज से बड़ा है, बल्कि कई देशों के साथ अपनी सीमाएं साझा करता है, जो इसे रणनीतिक रूप से बेहद अहम बनाता है। इसके इतिहास और नाम से जुड़ी कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है, जितनी इसकी भौगोलिक स्थिति।

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जानें ईरान का इतिहास

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

US Israel Attacks Iran: मध्य पूर्व में इन दिनों हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हवाई हमलों में ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया, जिसके बाद क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है। ईरान और इजराइल के बीच हालिया टकराव ने दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ईरान का इतिहास हजारों साल पुराना और समृद्ध रहा है। दक्षिण-पश्चिम एशिया में स्थित यह देश अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में विशेष रणनीतिक महत्व रखता है। यह क्षेत्रीय राजनीति, ऊर्जा संसाधनों और व्यापार मार्गों के लिहाज से भी अहम भूमिका निभाता है। भौगोलिक दृष्टि से ईरान विश्व के महत्वपूर्ण देशों में गिना जाता है। क्षेत्रफल के आधार पर यह दुनिया का 17वां सबसे बड़ा देश है। आकार की तुलना करें तो यह भारत के लगभग आधे के बराबर है।

US-Israel Attacks Iran (Photo: PTI)

अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के हालात (फोटो: PTI)

कितना बड़ा है ईरान?

ईरान का कुल क्षेत्रफल लगभग 16,48,195 वर्ग किलोमीटर है, जिसके आधार पर यह दुनिया का 17वां सबसे बड़ा देश माना जाता है। आकार की तुलना करें तो यह भारत से लगभग आधा है, क्योंकि भारत का कुल क्षेत्रफल करीब 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है। यूरोप के कुछ प्रमुख देशों से तुलना करने पर भी ईरान का विस्तार काफी बड़ा नजर आता है। यदि फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देशों को मिलाकर देखा जाए, तो भी ईरान का क्षेत्रफल उनसे अधिक पड़ता है। भौगोलिक दृष्टि से यह देश विविध प्राकृतिक स्वरूपों से भरपूर है। यहां विशाल दश्त-ए-लुत जैसा रेगिस्तान स्थित है, वहीं एल्बुर्ज (Alborz) और जाग्रोस (Zagros) जैसी ऊंची पर्वत श्रृंखलाएं भी देश की भौगोलिक पहचान का अहम हिस्सा हैं।

Old Name of Iran

ईरान का पुराना नाम

क्या था ईरान का पुराना नाम?

ईरान की राजधानी (Capital of Iran) तेहरान देश के उत्तरी हिस्से में एल्बुर्ज पर्वत श्रृंखला की तलहटी में बसी हुई है। यह न केवल ईरान का सबसे बड़ा शहर है, बल्कि राजनीतिक, प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। देश की प्रमुख सरकारी संस्थाएं और राष्ट्रीय निर्णय लेने वाले केंद्र यहीं स्थित हैं। इतिहास में ईरान को पहले फारस (Persia) के नाम से जाना जाता था। साल 1935 में आधिकारिक रूप से देश का नाम बदलकर ईरान कर दिया गया। ‘ईरान’ शब्द का अर्थ ‘आर्यों की भूमि’ माना जाता है, जो इसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की ओर संकेत करता है।

History of Iran

ईरान का इतिहास

क्या है ईरान का इतिहास?

ईरान दक्षिण-पश्चिम एशिया में स्थित एक ऐसा देश है, जिसकी भौगोलिक बनावट मुख्यतः पहाड़ी और शुष्क है। यहां का भू-भाग बड़े पैमाने पर रेगिस्तानी पठारों और ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं से मिलकर बना है। इसकी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराएं अत्यंत प्राचीन हैं, जिनकी जड़ें 550 ईसा पूर्व स्थापित आकेमेनिड साम्राज्य तक पहुंचती हैं। सन् 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान ने एक विशेष प्रकार के इस्लामी गणराज्य का स्वरूप ग्रहण किया। प्रारंभ में इसे संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया था, लेकिन समय के साथ आंतरिक चुनौतियों और बाहरी दबावों के कारण शासन व्यवस्था अधिक केंद्रीकृत और कठोर होती गई। भौगोलिक दृष्टि से देश का अधिकांश भाग एक विशाल केंद्रीय पठार पर स्थित है, जो चारों ओर से ऊंचे पहाड़ों से घिरा हुआ है। धार्मिक रूप से यहां की बहुसंख्यक आबादी शिया इस्लाम की ‘इथना अशरी’ (बारह इमामों वाली) शाखा का पालन करती है, जिसे देश का आधिकारिक धर्म भी माना गया है।

कितने देशों से साझा करता है सीमा?

ईरान कई देशों के साथ अपनी सीमाएं साझा करता है, जो इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती हैं। उत्तर दिशा में इसकी सीमा अजरबैजान, आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान से जुड़ी है, साथ ही कैस्पियन सागर भी इसके उत्तरी भाग में स्थित है। पूर्व की ओर ईरान की सरहद पाकिस्तान और अफगानिस्तान से मिलती है। दक्षिण में इसका तटीय क्षेत्र फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी तक फैला हुआ है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अहम माने जाते हैं। वहीं पश्चिम दिशा में इसकी सीमाएं तुर्की और इराक से लगती हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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