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US में सरकार पर शुरू हुआ 'शटडाउन', बड़े कदम उठा सकते हैं ट्रंप, 6 साल बाद फिर आई यह चुनौती

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी 'शटडाउन' की आशंका को खारिज नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि यह हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बजट पारित नहीं होने के लिए डेमोक्रेट सांसदों को जिम्मेदार ठहराया है। सरकारी खर्चे वाले विधेयक को कांग्रेस से पारित कराने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को कम से कम सात डेमोक्रेट सांसदों के समर्थन की जरूरत है।

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अमेरिकी सरकार पर 'शटडाउन' के गहराने का खतरा। तस्वीर-AP

Photo : AP

Shutdown in US : अमेरिका में संघीय बजट के पास नहीं होने से सरकार पर 'शटडाउन' की शुरुआत हो गई है। रिपब्लिकन एवं डेमोक्रेट पार्टियों के बीच बने गतिरोध की वजह से कांग्रेस से संघीय बजट पारित नहीं हो पाया है। इस वजह से बुधवार रात से सरकार को 'शटडाउन' का सामना करना पड़ रहा है। 'शटडाउन' की वजह से अमेरिका में कई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बजट पारित नहीं होने के लिए डेमोक्रेट सांसदों को जिम्मेदार ठहराया है। सरकारी खर्चे वाले विधेयक को कांग्रेस से पारित कराने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को कम से कम सात डेमोक्रेट सांसदों के समर्थन की जरूरत है।

यह है संकट की जड़

संकट की जड़ 1.7 लाख करोड़ डॉलर का वह बजट है जिससे संघीय एजेंसियों का संचालन होता है। यह कुल 7 लाख करोड़ डॉलर के अमेरिकी बजट का करीब एक-चौथाई हिस्सा है। बाकी बजट स्वास्थ्य सेवाओं, पेंशन योजनाओं और 37.5 लाख करोड़ डॉलर के राष्ट्रीय कर्ज के ब्याज भुगतान में खर्च होता है।

2018 के बाद होगा पहला 'शटडाउन'

अगर 'शटडाउन' होता है, तो यह 2018 के बाद पहला होगा। उम्मीद है कि आवश्यक सरकारी कर्मचारी सामान्य रूप से अपनी भूमिकाएं निभाते रहेंगे, लेकिन जिन्हें गैर-आवश्यक माना जाएगा उन्हें बिना वेतन के छुट्टी पर भेज दिया जाएगा। गैर-आवश्यक मानी जाने वाली सेवाओं में खाद्य सहायता कार्यक्रम, संघीय वित्तपोषित प्री-स्कूल, छात्र ऋण जारी करना, खाद्य निरीक्षण और राष्ट्रीय उद्यानों का संचालन शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर 'शटडाउन' होता है तो "अपरिवर्तनीय" कटौती की जाएगी और उन्होंने इसकी पूरी ज़िम्मेदारी डेमोक्रेट्स पर डाली है।

बुधवार आधी रात से हो सकता है 'शटडाउन'

बजट पर सहमति न बनने की स्थिति में अमेरिका आधी रात से 'शटडाउन' में जा सकता है। अंतिम निर्णय रिपब्लिकन-नियंत्रित हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर निर्भर करेगा, जिसकी बैठक बुधवार को निर्धारित है। यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका 1981 के बाद 15वीं बार सरकारी शटडाउन का सामना करेगा। पिछली बार 2018-19 में सरकार पूरे 35 दिनों तक बंद रही थी।

कई सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है

रिपोर्टों में कहा गया है कि 'शटडाउन' की स्थिति आने पर अमेरिका में कई सेवाओं पर इसका असर पड़ सकता है। अमेरिका में यात्रियों और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए बड़े पैमाने पर यात्रा में बाधाएं हो सकती हैं। इसका असर लंबी एयरपोर्ट लाइनों, गड़बड़ यात्रा कार्यक्रमों और अमेरिका के नेशनल पार्कों के बंद होने के रूप में देखा जा सकता है।अधिकारियों ने CNN को बताया कि अगर संघीय सरकार बंद हो जाती है तो वे इसे खुला रखने का खर्च नहीं उठा पाएंगे। इसके अलावा, पर्यटन राजस्व में बड़ी गिरावट अमेरिकी यात्रा उद्योग पर गंभीर असर डाल सकती है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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