ओमान तट और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास फंसे भारतीय नाविकों और जहाजों के लिए पिछला एक सप्ताह खासी मुसीबतों भरा रहा है। इस सप्ताह में भारतीय नाविकों से जुड़ी तीन गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर भारतीय ध्वज वाला जहाज समुद्र में डूबा तो वहीं दूसरी ओर एक भारतीय नाविक की बीमारी के कारण मौत हो गई। इतना ही नहीं, एक टैंकर पर हुए हमले में तीन भारतीय समुद्री कर्मियों की जान चली गई। इन घटनाओं ने खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ओमान तट के पास संकट में फंसा भारतीय जहाज
आज यानी रविवार सुबह एक ऐसी ही घटना सामने आई। एक भारतीय ध्वज वाले व्यापारी जहाज विराट-1 में इंजन फेल होने के बाद जहाज ओमान के तट से लगभग 80 समुद्री मील दूर डूबने लगा। इस दौरान जहाज पर सवार 14 भारतीय नाविकों को अमेरिकी नौसेना ने सुरक्षित बचा लिया। बाद में ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ओमानी अधिकारियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है।ओमान में पोत पर सवार भारतीय की बीमारी से मौत
वहीं, ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक पोत पर चिकित्सा संबंधी जटिलताओं के कारण एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। अब मस्कट स्थित भारतीय दूतावास शव को जल्द से जल्द भारत भेजने की कोशिश कर रहा है। भारतीय
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि दूतावास भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन के परिवार के सदस्यों, पोत एमटी सेलेस्टियल के चालक दल के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। भारतीय मिशन ने इससे पहले शनिवार को पुष्टि की थी कि उर्थनाथन की ’’स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं’’ के कारण मृत्यु हो गई है।
टैंकर पर हमले में तीन भारतीयों की मौत
वहीं, इस सप्ताह की सबसे गंभीर घटना तब हुई जब पलाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो पर ओमान तट के पास अमेरिकी विमान द्वारा हमला किए जाने की खबर सामने आई। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। ओमानी सशस्त्र बलों ने जहाज पर मौजूद 25 अन्य चालक दल सदस्यों को बचा लिया, जिनमें 21 भारतीय शामिल थे। मृत तीन भारतीय पहले लापता बताए गए थे,बाद में उनके निधन की पुष्टि हुई।
इस घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को तलब किया और औपचारिक विरोध दर्ज कराया। इसके अलावा एमटी मेरिवेक्स और एमटी जलवीर नामक दो अन्य जहाज भी हमलों की चपेट में आए। एमटी मेरिवेक्स पर 24 भारतीय नाविक सवार थे।
ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा चुनौतियां भारतीय नाविकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही हैं। भारत सरकार और समुद्री संगठनों की नजर अब इन घटनाओं की जांच और नाविकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
