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158 लड़के और 141 लड़कियों के साथ रेप करने वाला फ्रेंच डॉक्टर, जिसने अपनी भतीजी तक को नहीं छोड़ा था

फ्रांस में एक नामी सर्जन को 299 बच्चों का यौन शोषण करने के लिए दोषी ठहराया गया है। डॉ. ने अपनी पांच साल की बच्ची तक को नहीं छोड़ा था और उसका भी यौन उत्पीड़न किया था।

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फ्रांस में 299 बच्चों से रेप करने वाले को 20 साल की सजा

Photo : AP

फ्रांस में एक मशहूर डॉक्टर को अब 20 साल की सजा सुनाई गई है। यह 20 साल की सजा उस डॉक्टर को 299 बच्चों से रेप करने के लिए मिली है। जिसमें लड़के से लेकर लड़कियां तक शामिल है, इस पीड़ित बच्चों की औसत आयु सिर्फ 11 साल थी।

सैकड़ों बच्चों का यौन शोषण

डॉ जोएल ले स्कॉरनेक ने करीब दो दशक की अवधि में करीब 300 बच्चों का यौन उत्पीड़न किया था। 74-वर्षीय पूर्व सर्जन को बुधवार को 20 साल कैद की सजा सुनाई। जोएल ले स्कॉरनेक को 299 बच्चों के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया। न्यायाधीशों ने सजा की अवधि के संबंध में सरकारी अभियोजक की सिफारिशों को मान लिया और आपराधिक अदालत ने आदेश दिया कि स्कॉरनेक को कम से कम दो-तिहाई सजा काटनी होगी और उसके बाद वह रिहा किए जाने का पात्र हो सकेगा। स्कॉरनेक ने 299 बच्चों के अलावा अन्य के साथ भी यौन शोषण के आरोपों को स्वीकार किया था।

भतीजी तक को नहीं छोड़ा था

जोएल ले स्कॉरनेक इतना हैवान था कि उसने अपनी भतीजी तक को नहीं छोड़ा था। ले स्कॉरनेक अपने दो भतीजी समेत चार बच्चों के साथ बलात्कार करने के जुर्म में पहले से 15 साल की सजा काट रहा है। उसे इस मामले में 2020 में दोषी ठहराया गया था। उसने अदालत से कहा कि उसने सबसे पहले 1985 में अपनी भतीजी का यौन उत्पीड़न किया था और तब वह महज़ पांच साल की थी। यह मामले सबसे पहले 2017 में सामना आए जब छह साल की बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाले स्कॉरनेक ने उसके साथ अश्लील हरकत की है।

बेहोशी की हालत में करता था रेप

इसके बाद पश्चिमी फ्रांस के ब्रिटनी में नया मुकदमा फरवरी में शुरू हुआ और इसने 1989 से 2014 के बीच उत्पीड़न के पैटर्न को उजागर किया। यौन उत्पीड़न के समय ज़्यादातर पीड़ित बेहोश थे या अस्पताल में भर्ती मरीज़ थे। उनकी औसत आयु 11 वर्ष थी। पीड़ितों में 158 लड़के और 141 लड़कियां थीं।

650 अश्लील वीडियो मिले थे

उसके घर की तलाशी में 3,00,000 से अधिक तस्वीरें, 650 अश्लील वीडियो फाइल (जिनमें बाल यौन शोषण, पशुओं से यौन संबंध आदि से संबंधित सामग्री शामिल थी), साथ ही कुछ नोटबुक मिलीं, जिनमें उसने बाल यौन अपराध के बारे में बताया था और अपनी गतिविधियों का विवरण लिखा था। इससे उसे पहले बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री रखने के जुर्म में 2005 में चार महीने की सज़ा सुनाई गई थी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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