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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को मिली जमानत, भ्रष्टाचार के मामले में हुए थे गिरफ्तार

रानिल विक्रमसिंघे को पिछले शुक्रवार को पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें 26 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया गया और शुक्रवार रात को उन्हें कोलंबो की मुख्य 'मैगजीन रिमांड' जेल में स्थानांतरित किया गया।

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श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे (फाइल फोटो- AP)

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को सरकारी धन के दुरुपयोग के एक मामले में मंगलवार को अदालत से जमानत मिल गई। उन्हें हाल ही में ब्रिटेन यात्रा के दौरान सरकारी कोष का अनुचित उपयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकरण ने श्रीलंका की राजनीति में हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों व नागरिक संगठनों के विरोध का कारण बना हुआ है।

CID ने किया था गिरफ्तार

इस मामले में सुनवाई कोलंबो फोर्ट मजिस्ट्रेट निलुपुली लंकापुरा की अदालत में हुई, जिसमें विक्रमसिंघे ने कोलंबो के राष्ट्रीय अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) से डिजिटल माध्यम (जूम) के जरिए भाग लिया। अदालत परिसर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी और कई समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया। रानिल विक्रमसिंघे को पिछले शुक्रवार को पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें 26 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया गया और शुक्रवार रात को उन्हें कोलंबो की मुख्य 'मैगजीन रिमांड' जेल में स्थानांतरित किया गया। गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते पहले उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती किया गया और फिर गंभीर स्थिति में राष्ट्रीय अस्पताल के आईसीयू में शिफ्ट किया गया।

क्या है आरोप

पूर्व राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने 2023 में ब्रिटेन की एक निजी यात्रा के दौरान 1.66 करोड़ श्रीलंकाई रुपये का सरकारी धन खर्च किया। इस यात्रा का उद्देश्य उनकी पत्नी मैत्री के विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में भाग लेना था। अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह एक निजी यात्रा थी और इसमें सरकारी खर्च का औचित्य नहीं बनता। हालांकि, विक्रमसिंघे ने इन आरोपों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है। उनका कहना है कि यह यात्रा पूरी तरह से आधिकारिक थी, क्योंकि उन्हें श्रीलंका के राष्ट्रपति के तौर पर आमंत्रण प्राप्त हुआ था। उन्होंने तर्क दिया कि विदेश यात्रा की स्वीकृति राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा दी गई थी और यह राष्ट्राध्यक्ष के स्तर की यात्रा थी।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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