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इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक हुए खामेनेई; मशहद में उमड़ा जनसैलाब, हवा में उड़ाकर ले जाना पड़ा शव

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: अमेरिका-इजरायल के हवाई हमले में मारे गए पूर्व ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम समझौता खत्म करने का ऐलान कर दिया है।

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अमेरिका विरोधी नारों से गूंजा मशहद

Photo : AP

Ayatollah Ali Khamenei Funeral: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद शहर स्थित पवित्र इमाम रजा दरगाह के 'दार अल-धिक्र' प्रार्थना हॉल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। ईरानी मीडिया 'प्रेस टीवी' के अनुसार, उनके अंतिम विदाई समारोह में लाखों की संख्या में समर्थक और शोक संतप्त लोग इकट्ठा हुए। हालांकि, इस अंतिम संस्कार के बीच ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक आक्रामक बयान ने इस पूरे क्षेत्र को फिर से युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।

भीड़ के कारण एयरलिफ्ट करना पड़ा शव

ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर (IRIB) के मुताबिक, दानिश चौराहे से लेकर इमाम रजा दरगाह तक भारी भीड़ इस कदर जमा थी कि खामेनेई के पार्थिव शरीर को हेलीकॉप्टर के जरिए पवित्र दरगाह तक ले जाना पड़ा। अंतिम संस्कार की नमाज खामेनेई के सबसे बड़े बेटे सैयद मुस्तफा खामेनेई ने अदा कराई। इस जनाजे के दौरान ईरानी नागरिकों में अमेरिका के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया। भीड़ ने हाथों में डोनाल्ड ट्रंप विरोधी बैनर और पोस्टर ले रखे थे, जिसमें सर्वोच्च नेता की मौत के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को जिम्मेदार ठहराया गया। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, देश के नवनियुक्त सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से इस सार्वजनिक विदाई समारोह में शामिल नहीं हुए।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एलान: "ईरान के साथ सीजफायर अब खत्म"

बता दें कि अयातुल्ला अली खामेनेई इसी साल 28 फरवरी को एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए थे, जिसके बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया था। पिछले महीने ही दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम को लेकर 14-सूत्रीय समझौता (MoU) हुआ था, जिसके तहत 60 दिनों का शांति संवाद शुरू होना था।

लेकिन तुर्की में चल रहे नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस शांति समझौते को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि मेरे लिए यह समझौता पूरी तरह खत्म हो चुका है। मैं अब उनके (ईरान) साथ कोई कूटनीतिक संबंध या बातचीत नहीं करना चाहता। वे दुष्ट हैं... उनका नेतृत्व बीमार लोगों के हाथों में है। हमारे वार्ताकार बातचीत करना चाहते हैं, वे अच्छे लोग हैं, लेकिन उन्हें अब मेरे पास वापस आना होगा। जहां तक मेरा सवाल है, उनके साथ डील करना सिर्फ समय की बर्बादी है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद ट्रंप द्वारा शांति प्रक्रिया और सीजफायर को खत्म घोषित करने से पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की आशंका गहरा गई है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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