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राष्ट्रपति ट्रंप का हेलिकॉप्टर पास आ रहा था, फिर भी एक प्लेन को उड़ान भरने की इजाजत क्यों दी गई?

Reagan National Airport Near Miss: रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेलीकॉप्टर 'मरीन वन' के करीब से गुजरा पैसेंजर प्लेन। FAA ने शुरू की जांच, जनवरी 2025 के हादसे के बाद सुरक्षा पर फिर उठे सवाल।

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राष्ट्रपति ट्रंप का हेलिकॉप्टर पास आ रहा था, फिर भी एक प्लेन को उड़ान भरने की इजाजत क्यों दी गई?

Donald Trump Marine One Incident: अमेरिका के रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के व्यस्त हवाई क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहे आधिकारिक हेलीकॉप्टर 'मरीन वन' के हवाई अड्डे के करीब पहुंने के दौरान ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने एक वाणिज्यिक यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति दे दी। इस घटना के बाद अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, जबकि राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) भी घटना की समीक्षा कर रहा है।

क्या हुआ था रीगन नेशनल एयरपोर्ट के ऊपर?

यह घटना मंगलवार को उस समय हुई जब मरीन वन राष्ट्रपति ट्रंप को व्हाइट हाउस से एंड्रयूज एयर फोर्स बेस ले जा रहा था, जहां से उन्हें अमेरिका के पश्चिमी तट के दौरे पर निकलना था। एफएए (FAA) के अनुसार, जब मरीन वन हवाई अड्डे की ओर आ रहा था, तभी एक पैसेंजर प्लेन ने टेक-ऑफ किया और वह राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर के ऊपर से गुजरा। दोनों विमान एक-दूसरे की ओर आने के बजाय विपरीत दिशा में जा रहे थे, फिर भी उनके बीच का सुरक्षित अंतर कुछ क्षणों के लिए कम हो गया था।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि 'मरीन वन के पायलट दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वैमानिक हैं और राष्ट्रपति किसी भी समय खतरे में नहीं थे।' वहीं मरीन कॉर्प्स के प्रवक्ता कैप्टन जैकब सुग ने इसे 'नियर मिस' मानने से इनकार किया और कहा कि कंट्रोलर्स ने उड़ान मार्ग में कोई बदलाव नहीं किया था।

अधिकारियों का कहना है कि दोनों विमान कभी भी सीधी टक्कर के मार्ग पर नहीं थे, लेकिन एफएए ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मरीन वन के आने के दौरान वाणिज्यिक उड़ान को टेक-ऑफ की अनुमति क्यों दी गई थी।

जनवरी 2025 के दर्दनाक हादसे की यादें हुईं ताजा

यह चूक इसलिए भी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है क्योंकि ठीक एक साल पहले, 29 जनवरी 2025 को इसी हवाई अड्डे के पास एक बड़ा विमान हादसा हुआ था। जनवरी 2025 में रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट के पास एक यात्री विमान और अमेरिकी सेना के 'ब्लैक हॉॉक' हेलीकॉप्टर की हवा में टक्कर हो गई थी, जिसमें दोनों विमानों में सवार सभी 67 लोगों की जान चली गई थी। हादसे के बाद FAA ने कड़े नियम लागू किए थे, जिसके तहत हेलीकॉप्टर के गुजरने के दौरान सभी उड़ानों को रोकने और केवल रडार से दूरी मापने के निर्देश दिए गए थे। इस घटना की रिपोर्ट सबसे पहले 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने दी थी। हालांकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सका, लेकिन दुनिया के सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति के हवाई मार्ग में हुई इस चूक ने उड्डयन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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