'आंख के बदले आंख की नीति आखिर में सभी को अंधा कर देगी'; महात्मा गांधी का जिक्र कर US सांसद टॉम सुओजी ने दी बांग्लादेश को नसीहत
- Reported by: Srinjoy ChowdhuryEdited by: शिव शुक्ला
- Updated Dec 29, 2025, 08:59 PM IST
टाइम्स नाउ नवभारत ने अमेरिकी सांसद और डेमोक्रेटिक नेता टॉम सुओजी से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, शेख हसीना और उनकी पार्टी पर चुनावी प्रतिबंध जैसे कई अहम मुद्दों पर राय रखी। साथ ही टॉम सुओजी ने महात्मा गांधी की एक उक्ति का जिक्र कर बांग्लादेश को नसीहत भी दी।
बांग्लादेश में हिंसा का दौर ( फाइल फोटो)
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा लगातार जारी है। इस बीच, अमेरिका के सांसद टॉम सुओजी ने भी इसे लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने दीपू दास की बांग्लादेश में हुई हत्या को गलत करार दिया। टाइम्स नाउ नवभारत ने अमेरिकी सांसद और डेमोक्रेटिक नेता टॉम सुओजी से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, शेख हसीना और उनकी पार्टी पर चुनावी प्रतिबंध जैसे कई अहम मुद्दों पर राय रखी। साथ ही टॉम सुओजी ने महात्मा गांधी की एक उक्ति का जिक्र कर बांग्लादेश को नसीहत भी दी।
दीपू दास की बांग्लादेश में हुई हत्या के बाद अमेरिका के सांसद टॉम सुओजी ने इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे भेदभाव की जांच होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से आग्रह किया है। TIMES NOW से बातचीत में टॉम सुओजी ने कहा कि किसी भी देश में किसी भी धार्मिक अल्पसंख्यक के साथ भेदभाव गलत है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ भेदभाव की खबरें सामने आ रही हैं, जो चिंता पैदा करती हैं। अमेरिका ऐसे कामों का समर्थन नहीं कर सकता।

बांग्लादेश में हिंसा
शेख हसीना की पार्टी को चुनाव से बाहर करने पर भी बोले
न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद सुओजी ने शेख मुजीबुर रहमान की पार्टी अवामी लीग पर मोहम्मद यूनुस सरकार के प्रतिबंध पर भी बात की। खास बातचीत में उन्होंने कहा कि राजनीतिक विचारधारा के आधार पर चुनावों से बाहर करना गलत है। सुओजी ने कहा ,'मुझे नहीं लगता कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को सिर्फ इसलिए चुनावों से बाहर किया जाना चाहिए क्योंकि हम उनसे असहमत हैं।'
सुओजी ने आगे कहा कि वह यह समझते हैं कि जिन्होंने अपराध किए हैं या अत्याचार किए हैं, उन्हें गिरफ्तार या उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। लेकिन मुझे नहीं लगता कि किसी पूरे राजनीतिक दल या किसी पूरे समूह को उसकी राजनीतिक पहचान के आधार पर चुनावों से बाहर किया जाना चाहिए।
अगस्त 2024 में सुओजी ने मोहम्मद यूनुस को लिखा था पत्र
गौरतलब है कि सुओजी और अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चार अन्य सदस्यों ग्रेगरी मीक्स, बिल हुईजेंगा, सिडनी कैमलागर-डोव और जूली जॉनसन ने 23 दिसंबर को अगस्त 2024 से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा गया था कि किसी राजनीतिक पार्टी को निलंबित करना 'बुनियादी मानवाधिकारों' के खिलाफ है। उन्होंने यूनुस से इस फैसले पर दोबारा विचार करने का अनुरोध किया गया था।
उस पत्र के बारे में बोलते हुए सुओजी ने कहा कि वह पत्र बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हाल की गतिविधियों और लोगों की हत्याओं की बेहद भयावह रिपोर्टों से प्रेरित था।
सुओजी ने इस दौरान अवैध ईशनिंदा कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह एक बेहद विविध क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां चीनी, कोरियाई, भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोग रहते हैं और सभी अलग-अलग धर्मों से हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ हिंसा, भेदभाव और मानवाधिकार उल्लंघन के विरोधी हैं, चाहे वह बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो या दुनिया में कहीं और।
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर भी बोले
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश में जो हो रहा है, उसके बारे में मैं इतना कह सकता हूं कि मुझे किसी भी समूह के खिलाफ भेदभाव पसंद नहीं है। मुझे मानवाधिकारों का उल्लंघन पसंद नहीं है और इस समय मैं विदेश मंत्रालय से बांग्लादेश में मानवाधिकारों की स्थिति पर एक विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहा हूं।'
महात्मा गांधी को किया याद
खास बातचीत के दौरान सुओजी ने सभी से मिलकर काम करने और धरती पर शांति बनाए रखने की अपील की। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी को याद करते हुए कहा कि गांधी जी ने कहा था- 'आंख के बदले आंख’ की नीति अंत में हम सबको अंधा बना देगी।