79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डबलिन स्थित भारतीय दूतावास ने एक उत्साहपूर्ण और भावनात्मक समारोह का आयोजन किया, जिसमें डबलिन के लॉर्ड मेयर, पार्षद रे मैकएडम, बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों, भारत प्रेमी आयरिश नागरिकों और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में न सिर्फ तिरंगा लहराया गया, बल्कि भारत की आजादी की भावना और उसके मूल्यों को भी गहराई से स्मरण किया गया।
बलिदान की स्मृति और कर्तव्य की प्रेरणा
इस अवसर पर भारत के राजदूत,अखिलेश मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा- “हमारी स्वतंत्रता के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम अपने कर्तव्यों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें तथा राष्ट्रीय हित को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखें।” राजदूत ने विशेष रूप से प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की और उन्हें भारत के सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के वाहक के रूप में संबोधित किया।
नस्लीय हमलों के बीच एकजुटता का संदेश
हाल ही में भारतीय समुदाय के कुछ सदस्यों पर हुए हमलों की पृष्ठभूमि में, राजदूत अखिलेश मिश्रा ने यह भरोसा दिलाया कि भारतीय दूतावास आयरलैंड की सरकार और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि आयरलैंड के राष्ट्रपति, उप-प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, न्याय मंत्री, और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों ने न केवल नस्लवाद की खुलकर निंदा की है, बल्कि भारतीय समुदाय के प्रति सार्वजनिक समर्थन भी व्यक्त किया है। आयरलैंड के कई सांसदों, महापौरों, बुद्धिजीवियों और आम नागरिकों ने भी यह संदेश दिया कि भारतीय प्रवासी समाज उनके लिए सम्मान और स्नेह का विषय है।
