दुनिया के अलग अलग हिस्सों में जमीन के अंदर होने वाली हलचल(Earthquake in Tajikistan and china) का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। ताजिकिस्ता में 6.8 तीव्रता के भूकंप का असर चीन और अफगानिस्तान में महसूस किया गया। चीन के झिंजियांग क्षेत्र और ताजिकिस्तान की सीमा के पास सुबह करीब 8:37 बजे (0037 GMT) करीब 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। दहशत की वजह से लोग घरों से बाहर निकल आए। बता दें कि दुनिया के कई हिस्से हाल के दिनों में जलजले का सामना कर चुके हैं।
नेपाल भी हिला
बुधवार को नेपाल(Nepal earthquake) में भी 4.8 तीव्रता के भूकंप ने दस्तक दी थी और उसका असर उत्तराखंड के कई जिलों समेत दिल्ली और एनसीआर में भी महसूस किया गया। इससे पहले तुर्किए और सीरिया(Turkea Syria earthquake) में 6 फरवरी को विनाशकारी भूकंप आया था जिस से अब तक तुर्किए में 40 हजार से ज्यादा लोग काल के गाल में समा चुके हैं। अगर बात सीरिया की करें तो यहां भी 6 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
दुनिया भर में जलजले का खतरा
21 फरवरी को फिर से तुर्किए में भूकंप आया था । भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 थी। इस जलजले में तुर्किए में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। इस भूकंप का केंद्र तुर्किए का अंताक्या शहर था। ये शहर 6 फरवरी के भूकंप में पूरी तरह से तबाह हो चुका है। तुर्किए में भूकंप से 41 हजार से ज्यादा मौतें हुई है, ये आंकड़ा इतना बड़ा है कि शवों को सामूहिक तौर पर दफनाया जा रहा है। तुर्किए के अंताक्या में सामूहिक कब्रगाह बनाई गई है।
