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कब खत्म होगा ईरान युद्ध? बहुत मुश्किल हुआ इसका जवाब, ट्रंप के इस कदम से कोसों दूर दिख रही जंग की समाप्ति

Trump China News: ट्रंप और शी के बीच बैठक 31 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है। दोनों नेताओं ने पिछले साल अक्टूबर में आमने-सामने मुलाकात की थी और तब से उनके बीच कई बार फोन पर बातचीत हो चुकी है।

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कब खत्म होगा ईरान युद्ध? बहुत मुश्किल हुआ इसका जवाब

Donald Trump China Visit Delay: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने चीन से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात को 'लगभग एक महीने' के लिए टालने का आग्रह किया है, और इसके लिए उन्होंने ईरान युद्ध का हवाला दिया है। ट्रंप और शी के बीच यह मुलाकात 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच होनी तय है। दोनों नेता पिछले साल अक्टूबर में आमने-सामने मिले थे और उसके बाद से उनके बीच कई बार फ़ोन पर बातचीत हो चुकी है।

व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा, 'अभी हमारा एक युद्ध चल रहा है। मुझे लगता है कि मेरा यहां मौजूद रहना जरूरी है।' उन्होंने यह भी कहा कि इस देरी के पीछे कोई चालबाजी नहीं है। यह उनकी अब तक की सबसे साफ सार्वजनिक स्वीकारोक्ति है कि उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं है कि यह संघर्ष एक महीने के भीतर सुलझ जाएगा।

क्या इसमें कोई 'चाल' है?

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन शिखर सम्मेलन से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने में मदद करेगा। हालांकि, ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने यह साफ किया है कि मीटिंग को टालने का अनुरोध लॉजिस्टिक्स से जुड़ा था, न कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर चीन की गैर-मौजूदगी या किसी व्यापारिक असहमति की वजह से।

बेसेंट का स्पष्टीकरण इसलिए मायने रखता है क्योंकि अमेरिका सार्वजनिक तौर पर बीजिंग यात्रा को जलडमरूमध्य में चीन की कार्रवाई से नहीं जोड़ रहा है, लेकिन ट्रंप के अपने शब्दों ने इस संदेश को काफी हद तक अस्पष्ट कर दिया है।

चीन द्वारा अमेरिका की मदद करने की संभावना कम क्यों है?

चीन द्वारा वाशिंगटन की ओर से जलडमरूमध्य में निगरानी करने की संभावना कम है। बीजिंग तेहरान के साथ चुपचाप अपने सुरक्षित मार्ग का समझौता करने की बेहतर स्थिति में है। चीन का लगभग 90% तेल इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है।

यह देरी, अपने आप में, कोई संकट नहीं है। खबरों के अनुसार, यात्रा की तैयारियां पहले से ही तय समय से पीछे चल रही थीं। वहीं, सप्ताहांत में पेरिस में हुई अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता का माहौल एक दम सकारात्मक था।

री-शेड्यूलिंग में छिपा एक और भी ज्यादा अहम संकेत यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति सार्वजनिक रूप से यह मान रहे हैं कि ईरान युद्ध मार्च के आखिर तक खत्म नहीं होगा और इस बात से इस पूरे संघर्ष और इसके आर्थिक नतीजों के कितने समय तक चलने की पूरी समय-सीमा ही बदल जाती है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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