रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को वियतनाम और दक्षिण कोरिया की चार दिवसीय यात्रा पर हैं। हनोई के लिए रवाना होने से पहले, सिंह ने कहा था कि दोनों एशियाई देशों की उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य रक्षा औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करना, समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना होगा।वियतनाम की यात्रा समाप्त करने के बाद, रक्षा मंत्री मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर दक्षिण कोरिया जाएंगे।
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की नयी दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों द्वारा अपने संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने के कुछ दिनों बाद रक्षा मंत्री सिंह का यह वियतनाम दौरा हो रहा है।
वियतनाम के हनोई में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'साल 2014 में, जब PM मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, और उनकी सरकार के मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया था, तब शायद ही किसी ने यह कल्पना की होगी कि आने वाला दशक भारत के इतिहास का सबसे अधिक बदलाव लाने वाला दशक साबित होगा। आज, हर कोई इस बात को स्वीकार करता है... मैं कह सकता हूं कि आज का भारत, बीते हुए कल के भारत से अलग है...
हाइड्रोकार्बन के विशाल स्रोत, दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक संप्रभुता के दावों को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र के कई देशों, जैसे वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई द्वारा भी दक्षिण चीन सागर पर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं। भारत और कई अन्य लोकतांत्रिक देश इन विवादों के शांतिपूर्ण समाधान तथा अंतरराष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से समुद्री कानूनों से संबंधित यूएनसीएलओएस (संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि) के पालन पर जोर देते रहे हैं।अधिकारियों ने बताया कि सिंह और जनरल जियांग द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक वार्ता करेंगे, जिसमें सैन्य साजो सामान का संयुक्त विकास भी शामिल है।
रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे
दक्षिण कोरिया की अपनी यात्रा के दौरान, सिंह राष्ट्रीय रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'दोनों मंत्री दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए नयी पहल पर विचार-विमर्श करेंगे। वे साझा हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।'
रक्षा खरीद कार्यक्रम प्रशासन मंत्री ली योंग-चियोल से मुलाकात करेंगे
सिंह रक्षा खरीद कार्यक्रम प्रशासन मंत्री ली योंग-चियोल से भी मुलाकात करेंगे और भारत-कोरिया व्यापार गोलमेज सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। मंत्रालय ने कहा, 'भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और दक्षिण कोरिया की 'हिंद-प्रशांत रणनीति’ के स्वाभाविक सामंजस्य, साथ ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा मूल्यों ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नया अध्याय खोल दिया है।'
