Strait of Hormuz: चीन ने कहा है कि तेल आपूर्ति ले जा रहे उसके तीन जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे हैं और उसने सुविधा और समन्वय के लिए संबंधित पक्षों का आभार जताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि संबंधित पक्षों के समन्वय के बाद हाल ही में तीन चीनी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। हम संबंधित पक्षों की सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने ईरान का नाम नहीं लिया, जो वर्तमान में खाड़ी से जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल शिपमेंट की आवाजाही को नियंत्रित कर रहा है।
होर्मुज पर संप्रभुता की अंतरराष्ट्रीय मान्यता मांग रहा ईरान
ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास का जलक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय वस्तुओं और ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। माओ ने कहा कि चीन खाड़ी में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का आह्वान करता है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद वर्षों से ईरानी तेल का एक बड़ा आयातक रहे चीन ने पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य से अपने जहाजों के गुजरने की बात कही है। ऐसी खबरें हैं कि ईरान घनिष्ठ रणनीतिक संबंधों को देखते हुए चीनी जहाजों को जलडमरूमध्य पार करने की अनुमति दे रहा है।
इशाक डार जा रहे चीन
माओ ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व युद्ध पर पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच होने वाली बैठक में चर्चा होगी। डार, जो विदेश मंत्री भी हैं, मंगलवार को चीन की यात्रा पर जा रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि वे वांग को तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की बैठक में हुई चर्चाओं के बारे में जानकारी देंगे, जिसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ता को बढ़ावा देना था।
डार की यात्रा पर माओ ने कहा कि चीन और पाकिस्तान आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित सर्वकालिक रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश समान दृष्टिकोण रखते हैं और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर घनिष्ठ संवाद बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा कि माना जा रहा है कि दोनों विदेश मंत्री ईरान की स्थिति और आपसी हित के अन्य अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर रणनीतिक संचार और समन्वय बढ़ाएंगे, संयुक्त रूप से शांति और न्यायपूर्ण रुख की अपील करेंगे और संघर्ष को समाप्त करने तथा क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए नए प्रयास करेंगे।
चीन ने ईरान पर हमलों की निंदा की
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से चीन सभी देशों से सैन्य अभियान तुरंत रोकने का आह्वान कर रहा है। चीन होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की भी अपील कर रहा है, क्योंकि इसके बंद होने से ईंधन आपूर्ति में व्यापक व्यवधान पैदा हुआ है। ईरान पर हमलों की निंदा करते हुए, चीन 14-15 मई को होने वाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा की तैयारी भी कर रहा है, जिसके दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की प्रबल संभावना है।
