Xi Jinping : ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका पहुंचे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को 'भारी बेइज्जती' का सामना करना पड़ा है। सम्मेलन में उनके पीछे आ रहे उनके एक अनुवादक को सुरक्षाकर्मियों ने धक्का देकर उनसे अलग किया और फिर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। जिनपिंग कुछ देर लाल कालीन पर चलते दिखे और फिर पीछे पलटकर देखा। इसके बाद वह आगे बढ़ गए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
जेनिफर जेंस ने वीडियो शेयर किया
इंटरनेशनल पेस एसोसिएशन की सदस्य जेनिफर जेंग ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है। जेंग ने कहा है कि ब्रिक्स के मुख्य सम्मेलन के लिए आ रहे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अनुवादक को उनके पीछे नहीं आने दिया गया। दक्षिण अफ्रीका के सुरक्षाकर्मी जिनपिंग के पीछे आ रहे अनुवादक को खींचकर दूसरी तरफ ले गए और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।
जिनपिंग की सेहत पर उठे सवाल
जेंग ने आगे कहा कि लाल कालीन पर आगे बढ़ रहे जिनपिंग ने पलटकर पीछे देखा और फिर कुछ कहे बिना आगे बढ़ गए। इस दौरान जिनपिंग काफी खोए-खोए से लगे। ऐसा लगता है कि उन्हें चलने में भी दिक्कत हो रही है। जेंग ने कहा कि मंगलवार के कार्यक्रम में उनका न आना भी कई अटकलों को जन्म दे रहा है।
बिजनेस फोरम की बैठक में नहीं आए जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठक में नहीं आए। उम्मीद की जा रही थी कि वह सम्मेलन में आएंगे और अन्य राष्ट्र प्रमुखों के साथ एक स्पीच देंगे। जिनपिंग की जगह चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेंताओ आए और उन्होंने उनका भाषण पढ़ा। अपने भाषण में वेंताओ ने अमेरिका की जमकर आलोचना की।
ब्रिक्स के विस्तार पर सहमति
इस बीच, ब्रिक्स के विस्तार पर नेताओं के बीच करीब-करीब सहमति बन गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इस बात पर बल दिया कि ‘भविष्य के मकसद से तैयार’ रहने के लिए ब्रिक्स समूह के पांच देशों के समाजों को ‘भविष्य हेतु तैयार’ होना पड़ेगा। उन्होंने आम सहमति के आधार पर समूह के विस्तार के लिए भारत का समर्थन भी जताया। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग सहित ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) के नेताओं के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी उम्मीद जताई कि अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाने के भारत के प्रस्ताव का ब्रिक्स सदस्य देश समर्थन करेंगे।
