भारत में अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर स्टूडेंट वीजा के लिए 'गंभीर नतीजे' हो सकते हैं, क्योंकि उन्होंने देश में रहने को एक अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार बताया।दूतावास ने X पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि अगर किसी को 'गिरफ्तार किया जाता है या वे किसी कानून का उल्लंघन करते हैं तो वे भविष्य में अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य हो सकते हैं।'
दूतावास ने X पर पोस्ट किया, 'अमेरिकी कानूनों को तोड़ने पर आपके स्टूडेंट वीज़ा के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं। अगर आपको गिरफ्तार किया जाता है या आप किसी कानून का उल्लंघन करते हैं, तो आपका वीज़ा रद्द किया जा सकता है, आपको देश से निकाला जा सकता है, और आप भविष्य में अमेरिकी वीज़ा के लिए अयोग्य हो सकते हैं। नियमों का पालन करें और अपनी यात्रा को खतरे में न डालें।'
'अमेरिकी वीज़ा एक सुविधा है, अधिकार नहीं'
इसमें कहा गया है, 'अमेरिकी वीज़ा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं,' यह बात उसने पिछले कई महीनों में X पर कई पोस्ट के जरिए कही है।
19 जून को उसने लिखा, 'अमेरिकी वीज़ा एक सुविधा है, अधिकार नहीं। वीजा जारी होने के बाद भी अमेरिकी वीजा स्क्रीनिंग बंद नहीं होती और अगर आप कानून तोड़ते हैं तो हम आपका वीज़ा रद्द कर सकते हैं।'
'अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स को 'पब्लिक' कर दें'
23 जून को, अमेरिकी दूतावास ने F, M, या J नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा के लिए अप्लाई करने वालों से कहा कि वे वेरिफिकेशन के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स को 'पब्लिक' कर दें, जिसके बारे में दूतावास ने कहा कि यह उनकी पहचान और अमेरिका में एंट्री के लिए जरूरी है।
