Sheikh Hasina Extradition: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत से प्रत्यर्पित कराने की सक्रिय कोशिश कर रही है। मोहम्मद युनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने संकेत दिए कि देश शेख हसीना के प्रत्यर्पण की कोशिश में जुटा है।
'क्या मौजूदा अंतरिम सरकार को शेख हसीना को बांग्लादेश में वापस न ला पाने का कोई अफसोस है' इस सवाल पर हुसैन ने कहा कि उन्होंने भारत को एक अनुरोध पत्र भेजा है और यदि जरूरी हुआ तो हम आगे की कार्रवाई करेंगे।
कहां हैं शेख हसीना?
छात्रों के नेतृत्व में हुए विद्रोह के बाद शेख हसीना को पिछले साल 5 अगस्त को अपदस्थ कर दिया गया और उन्हें बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा। शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद युनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार का गठन हुआ।
शेख हसीना को हुई 6 माह की सजा
इससे पहले बुधवार को शेख हसीना को अदालत की अवमानना के मामले में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने छह महीने की जेल की सजा सुनाई। न्यायाधीश मोहम्मद गुलाम मुर्तजा मजूमदार के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 की तीन सदस्यीय पीठ ने अपदस्थ अवामी लीग की नेता से संबंधित लीक हुई फोन पर बातचीत के अंश की समीक्षा के बाद यह आदेश पारित किया। फोन पर बातचीत के अंश पिछले वर्ष सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए थे।
पिछले साल अगस्त में पद छोड़ने के बाद से यह पहली बार है जब 72 वर्षीय नेता को किसी मामले में सजा सुनाई गई है। ऑडियो क्लिप में अपदस्थ प्रधानमंत्री को गोविंदगंज उपजिला के पूर्व अध्यक्ष और प्रतिबंधित बांग्लादेश छात्र लीग (BCL) के नेता शकील अकंद बुलबुल से कथित तौर पर ये कहते सुना जा सकता है, मेरे खिलाफ 227 मामले दर्ज हैं, इसलिए मुझे 227 लोगों को मारने का लाइसेंस मिल गया है।
