एंटोनोव AN-225 मरिया की लंबाई 84 मीटर और पंखों की चौड़ाई 88.4 मीटर थी, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा विमान बनाता था। कुछ वक्त तक राहत सामग्री भेजने पहुंचाने में भी इसका इस्तेमाल किया गया।
सोवियत संघ ने एंटोनोव AN-225 मरिया को स्पेस प्रोग्राम के लिए एनर्जी-बरान स्पेस शटल को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने के उद्देश्य के तहत विकसित किया था।
1980 के दशक में डिजाइन किए गए इस विमान की एयरशोज में एक झलक पाने के लिए लोग बेताब रहते थे। इसे देखने के लिए काफी भीड़ उमड़ती थी।
इस विमान को सोवियत संघ ने एंटोनोव AN-225 मरिया नाम दिया गया। यूक्रेनी भाषा में मरिया का मतलब 'सपना' होता है। रूस और यूक्रेन की लड़ाई में 'सपना' चकनाचूर हो गया।
1988 में पहली बार उड़ान भरने वाले एंटोनोव AN-225 मरिया में 6 टर्बो फैन इंजन लगे थे और यह एक बार में अधिकतम 2.5 लाख किलोग्राम वजन ढो सकता था। इस विमान के पास 2.53 लाख किलोग्राम पेलोड ले जाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है।
850 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार भरने वाले एंटोनोव AN-225 मरिया की अधिकतम रेंज 15,400 किलोमीटर थी। यह इंजीनियरिंग का एक नायाब नमूना था। हालांकि, रूसी हमले में विमान तबाह हो गया, लेकिन यूक्रेन ने हार नहीं मानी और इसे फिर से बनाने का ऐलान किया था।
एंटोनोव AN-225 मरिया के तबाह हो जाने के बाद एयरबस A380 दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान है। लंबी दूरी की उड़ानों के लिए बनाए गए एयरबस A380 अधिकतम 853 यात्रियों को ले जा सकता है और यह एक डबल-डेकर विमान है।