Bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को जेल से बाहर निकाले का आदेश दे दिया गया है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने यह आदेश दिया है। खालिदा जिया को शेख हसीना का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता रहा है। खालिदा जिया के खिलाफ कई मामले शेख हसीना सरकार के समय शुरू हुए थे, जिसके बाद से वो जेल में बंद थी।
बेगम खालिदा जिया को तुरंत रिहा करने के आदेश
राष्ट्रपति की प्रेस टीम ने एक बयान में कहा कि शहाबुद्दीन की अगुवाई में हुई बैठक में "बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया को तुरंत रिहा करने का सर्वसम्मति से फैसला किया गया"।
गिरफ्तार प्रदर्शनकारी होंगे रिहा
सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान, नौसेना और वायुसेना प्रमुख तथा बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों के शीर्ष नेता बैठक में शामिल हुए। बयान में कहा गया कि "बैठक में छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को रिहा करने का भी फैसला किया गया है।"
कौन है खालिदा जिया
खालिदा जिया मुख्य विपक्षी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख हैं, जो हसीना की अवामी लीग का मुख्य विपक्षी दल है। जेल में बंद नेता को शेख हसीना का कट्टर विरोधी माना जाता है। शेख हसीना 1996 में पहली बार प्रधानमंत्री बनीं। उसके बाद, उन्होंने और खालिदा जिया ने कई सालों तक बारी-बारी से सरकारें चलाईं।
शेख हसीना और खालिदा के बीच पुरानी दुश्मनी
शेख हसीना और खालिदा जिया के बीच पुरानी दुश्मनी है। एक सत्ता में आता है तो दूसरा जेल या विदेश भागने को मजबूर हो जाता है। इस बार भी ऐसा ही दिख रहा है। उनकी प्रतिद्वंद्विता विरासत में मिली थी - हसीना के मामले में पिता शेख मुजीबुर रहमान से और जिया के मामले में पति जियाउर रहमान से। 1975 में मुजीब की हत्या के बाद जियाउर रहमान ने सत्ता संभाली थी, जिनकी 1981 में हत्या कर दी गई थी। इस समय 78 वर्षीय खालिदा जिया का स्वास्थ्य खराब है और 2018 में भ्रष्टाचार के लिए 17 साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद से वे अस्पताल में भर्ती हैं।
