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युनूस सरकार पर चुनाव बिगाड़ने की साजिश का आरोप; उस्मान हादी के भाई ने कहा- विदेशी एजेंसी के इशारे पर करवाई गई हत्या

उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी। जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें सिंगापुर ले जाया गया,जहां छह दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद ढाका और अन्य इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए।

Bangladesh Unrest

बांग्लादेश में हिंसा का दौर हो रहा उग्र। (AI Generated Image)

बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया है। अब भारतविरोधी नेता उस्मान हादी के भाई उमर हादी ने युनूस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके भाई की हत्या जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए करवाई गई। इस बीच, बांग्लादेश में भीड़ ने एक और हिंदू युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी।

'सरकार के गुट ने रची हत्या की साजिश'

ढाका में इंकलाब मंच द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में उमर हादी ने आरोप लगाया कि मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के एक गुट ने किसी एजेंसी या विदेशी इशारे पर उनके भाई की हत्या करवाई है। उन्होंने कहा,'उस्मान हादी की हत्या आपने ही करवाई थी। अब आप इसे मुद्दा बनाकर चुनाव को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं। उस्मान हादी की हत्या के समय जो लोग सत्ता में थे,वे इस जिम्मेदारी से बच नहीं पायेंगे। सरकार को उनके भाई की हत्या में शामिल सभी लोगों को तुरंत देश के सामने बेनकाब करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के हश्र का जिक्र करते हुए चेतावनी दी, अन्यथा,आपको देश छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ेगा।

चुनाव समय पर कराने के पक्ष में थे हादी

उमर हादी ने कहा कि उस्मान हादी फरवरी में निर्धारित संसदीय चुनाव समय पर कराने के समर्थक थे। उन्होंने अधिकारियों से चुनावी माहौल को बाधित न करने की अपील भी की थी। इसी वजह से वे कुछ ताकतों के निशाने पर आ गए।

आरोपों के बाद मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक का इस्तीफा

इन आरोपों के कुछ ही घंटों बाद मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक (गृह मंत्रालय) मोहम्मद खुदा बख्श चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कैबिनेट विभाग की अधिसूचना के अनुसार,राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि सरकार ने इस्तीफे को सीधे आरोपों से नहीं जोड़ा है।

इंकलाब मंच ने तीन शीर्ष अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

वहीं दूसरी ओर, इंकलाब मंच ने गृह सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त)जहांगीर आलम चौधरी,कानून सलाहकार आसिफ नजरुल और मोहम्मद खुदा बख्श चौधरी को हादी की हत्या का जिम्मेदार बताया है। साथ ही तीनों के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। इस बीच, कानूनी सलाहकार आसिफ नजरुल ने भरोसा दिलाया है कि मामले की सुनवाई बांग्लादेश के त्वरित सुनवाई न्यायाधिकरण में कराई जाएगी, जहां 90 दिनों के भीतर फैसला सुनाने का प्रावधान है।

12 दिसंबर को गोली मारने के बाद हिंसा और आगजनी से दहला ढाका

वहीं, फरवरी में चुनाव के उम्मीदवार उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी। जिसके बाद गंभीर हालत में उन्हें सिंगापुर ले जाया गया,जहां छह दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद ढाका और अन्य इलाकों में हिंसक प्रदर्शन हुए। भीड़ ने ‘प्रोथोम आलो’और ‘डेली स्टार’अखबारों के दफ्तरों,साथ ही सांस्कृतिक संगठनों छायानात और उदिची शिल्पी गोष्ठी के कार्यालयों में आगजनी की। इतना ही नहीं, मध्य मैमनसिंह में एक हिंदू फैक्ट्री मजदूर की पीट-पीटकर हत्या भी कर दी गई थी। जिसके बाद आज फिर एक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला।

वहीं, बांग्लादेश के वर्तमान हालातों को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि हादी हत्याकांड ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार,चुनावी प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला देश की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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