Dipu Chandra Das Murder: बांग्लादेश पुलिस ने बताया है कि कैसे मैमनसिंह में एक हिंदू गारमेंट वर्कर को भीड़ ने मार डाला और यह भी माना कि भीड़ और भारी ट्रैफिक जाम की वजह से पुलिस अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंच पाए। यह भी कहा कि मदद के लिए कॉल देर से आया, शायद इस वजह से पुलिस नहीं पहुंच पाई और युवक की न चली गई।
25 साल के दीपू चंद्र दास को गुरुवार रात पीट-पीटकर मार डाला गया। उसपर आरोप लगाया गया कि उसने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। एक अखबार से बात करते हुए, मैमनसिंह में इंडस्ट्रियल पुलिस के सुपरिटेंडेंट मोहम्मद फरहाद हुसैन खान ने बताया कि उन्हें रात करीब 8.00 बजे एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ने घटना की जानकारी दी थी। तब तक, हालात बेकाबू हो चुके थे।
कुल 12 लोग हुए गिरफ्तार
बांग्लादेश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मैमनसिंह में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की हत्या के सिलसिले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। ऐसे में गिरफ्तार हुए लोगों की कुल संख्या 12 हो गई है। द डेली स्टार के अनुसार, ये गिरफ्तारियां रविवार सुबह की गईं। आरोपियों की पहचान आशिक (25) और कयूम (25) के रूप में हुई है, जिन्हें अन्य बंदियों के साथ भालुका पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
घटना पर SP ने क्या कहा?
पुलिस ने कहा, 'तुरंत, हम घटनास्थल की ओर भागे, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी। सड़क पर सैकड़ों लोग थे, और इतनी बड़ी भीड़ के बीच जगह तक पहुंचना बहुत मुश्किल था। जब हम फैक्ट्री के गेट पर पहुंचे, तो हमने देखा कि एक गुस्साई भीड़ शव को ढाका-मैमनसिंह हाईवे की ओर ले जा रही थी, जो लगभग दो किलोमीटर दूर था।'
SP ने द डेली स्टार को बताया, 'लगभग तीन घंटे तक 10 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे आवाजाही में गंभीर रुकावट आई।' उन्होंने आगे कहा कि उनका ऑफिस फैक्ट्री से लगभग 15 किलोमीटर दूर था, जबकि स्थानीय भालुका पुलिस स्टेशन बहुत करीब था। उन्होंने कहा, 'बस एक सही समय पर कॉल करने से दीपू की जान बच सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।'
यह घटना जमीरदिया, भालुका में पायनियर निटवेयर्स (बीडी) लिमिटेड में हुई। फैक्ट्री के सीनियर मैनेजर (एडमिन) साकिब महमूद के अनुसार, शाम करीब 5:00 बजे मजदूरों के एक ग्रुप ने फैक्ट्री के अंदर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसमें दीपू पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया। महमूद ने कहा, 'आरोपों का कोई सबूत नहीं था, लेकिन जैसे ही सैकड़ों मजदूर इकट्ठा हुए, विरोध प्रदर्शन बढ़ गया।
रात करीब 8:45 बजे, गुस्साए लोगों ने एक गेट तोड़ दिया, फैक्ट्री में घुस गए, दीपू को सिक्योरिटी रूम से बाहर खींच लिया और उस पर हमला किया।'
फैक्ट्री सूत्रों ने द डेली स्टार को बताया कि बाद में स्थानीय लोग भी हमले में शामिल हो गए। दीपू की मौके पर ही मौत हो गई, उसके शव को हाईवे पर ले जाकर आग लगा दी गई। उधर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस लिंचिंग की निंदा की है, और चेतावनी दी है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।'
बांग्लादेश में हालात खराब हुए क्यों?
युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद अशांति फैली। रविवार को एक इमरजेंसी प्रेस ब्रीफिंग में, एडिशनल इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस खांडेकर रफीकुल इस्लाम ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां हमलावर फैसल करीम मसूद की तलाश कर रही हैं। इस्लाम ने कहा कि जांचकर्ताओं को हत्या से किसी भी राजनीतिक पार्टी को जोड़ने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, हालांकि सही जानकारी इकट्ठा करने की कोशिशें जारी हैं। डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने कहा कि हत्या राजनीतिक मकसद से की गई लग रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बता दें कि हादी को 12 दिसंबर को ढाका में एक चुनावी अभियान के दौरान गोली मारी गई थी और बाद में सिंगापुर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई
