भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह विदेश मंत्रालय के आपात बुलावे पर सोमवार रात को ढाका पहुंच गए। सोमवार देर रात मिली रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बीच यह कदम उठाया गया है। दैनिक समाचार पत्र ‘प्रथोम आलो’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों की हालिया स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम रियाज हमीदुल्लाह को आपात आधार पर ढाका बुला लिया गया है।
विदेश मंत्रालय के अनाम जिम्मेदार सूत्रों के हवाले से समाचार पत्र ने बताया है कि इस बुलावे पर हमीदुल्लाह सोमवार की रात को ही ढाका पहुंच गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें द्विपक्षीय संबंधों की हालिया स्थिति पर चर्चा के लिए ढाका बुलाया गया है।
बांग्लादेश में उथलपुथल
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस कथित तौर पर कट्टर इस्लामी एजेंडों को बढ़ावा दे रहे हैं या उन्हें सक्षम बना रहे हैं। सरकार में मंत्री और अधिकारी ऐसे चरमपंथी समूहों जैसे जमात-ए-इस्लामी और हिज्ब-उत-तहरीर के प्रभाव में काम कर रहे हैं, यह सोमवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कट्टरपंथी मंच 'इंक़िलाब मंच' के प्रवक्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या ने यूनुस नेतृत्व वाली सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार को इस घटना से लाभ होने की आशंका जताई जा रही है और सवाल उठता है कि आने वाले महीनों में बांग्लादेश में और कितनी जानें जा सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 11 दिसंबर को मुहम्मद यूनुस प्रशासन ने 12 फरवरी, 2026 को होने वाले चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। इसके तुरंत बाद हादी ने धाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। अगले ही दिन, दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने उसे सिर में गोली मार दी। वीडियो फुटेज के आधार पर यह पता चला कि हादी के हमलावर का संबंध पहले उसी समूह से था, जिसका वह हिस्सा रहा था। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि हमलावर एक पूर्व निम्न-स्तरीय अवामी लीग छात्र नेता था, जो अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद हथियारों की डकैती के आरोप में गिरफ्तार हुआ था और बाद में जमानत पर रिहा किया गया। इस पर कई गंभीर सवाल उठते हैं।
