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​ISS के लिए रवाना हुआ Axiom-4 mission, चार अंतरिक्ष यात्रियों में हैं भारत के शुभांशु शुक्ला, खास है यह मिशन

नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस का यह संयुक्त अभियान फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से दिन के 12 बजकर एक मिनट पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुआ। यह मिशन भारत के लिए भी बहुत खास है क्योंकि आईएसएस जाने वाले चार अंतरिक्ष यात्रियों में भारत के शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं जो कि स्पेसक्रॉफ्ट के पायलट की भूमिका में हैं।

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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुआ एक्सिओम-4 मिशन।

Axiom-4 mission launched : बार-बार अपनी लॉन्चिंग टालने वाला एक्सिओम-4 मिशन आखिरकार बुधवार को अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना हो गया। नासा, स्पेसएक्स और एक्सिओम स्पेस का यह संयुक्त अभियान फ्लोरिडा स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर से दिन के 12 बजकर एक मिनट पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुआ। यह मिशन भारत के लिए भी बहुत खास है क्योंकि आईएसएस जाने वाले चार अंतरिक्ष यात्रियों में भारत के शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं जो कि स्पेसक्रॉफ्ट के पायलट की भूमिका में हैं। उनका यह अनुभव भारत के गगनयान मिशन में भी बहुत काम आएगा। शुभांशु भारतीय वायु सेना (IAF) में ग्रुप कैप्टन हैं।

फॉल्कन 9 रॉकेट स्पेसX ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को आईएसएस लेकर जा रहा है। यह स्पेसक्राफ्ट 26 जून की सुबह 7 बजे अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से 'डॉकिंग' करेगा। अंतरिक्षयान से रवाना होते हुए शुभांशु ने अपना पहला संदेश भेजा। इस संदेश में उन्होंने कहा, 'भारत की बुलंदी और ऊंची हो, जय हिंद, जय भारत।'

पैगी व्हिटसन कर रहीं मिशन का नेतृत्व

एक्सिऑम-4 वाणिज्यिक मिशन का नेतृत्व कमांडर पैगी व्हिटसन कर रही हैं, जिसमें शुक्ला मिशन पायलट हैं और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री टिबोर कपू और पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की मिशन विशेषज्ञ हैं। इस मिशन के तहत प्रक्षेपण मूलतः 29 मई को होना था लेकिन फाल्कन-9 रॉकेट के बूस्टर में तरल ऑक्सीजन के रिसाव और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पुराने रूसी मॉड्यूल में भी रिसाव होने का पता चलने के बाद पहले इसे आठ जून, फिर 10 जून और फिर 11 जून के लिए टाल दिया गया।

26 जून की सुबह 7 बजे होगी ‘डॉकिंग’

इसके बाद प्रक्षेपण की योजना फिर 19 जून के लिए टाल दी गई और फिर नासा द्वारा रूसी मॉड्यूल में मरम्मत कार्यों के बाद कक्षीय प्रयोगशाला के संचालन का आकलन करने के लिए प्रक्षेपण की तिथि 22 जून तय की गई। नासा ने कहा कि ‘डॉकिंग’ समय बृहस्पतिवार 26 जून को लगभग सुबह सात बजे (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे) होगा।

इसलिए खास है यह मिशन

एक्सिओम 4 मिशन का प्राथमिक उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन करना है। इसमें मानव स्वास्थ्य, माइक्रोग्रैविटी और जैविक प्रणालियों पर शोध, साथ ही जीवन के लिए जरूरी प्रणालियों का परीक्षण और मेडिकल स्टडी करना शामिल है। मिशन का उद्देश्य व्यवसाय और अनुसंधान के लिए प्लेटफॉर्म के रूप में कमर्शियल अंतरिक्ष स्टेशनों की व्यवहार्यता का प्रदर्शन करना भी है। इसके अलावा, एक्स-4 का उद्देश्य अंतरिक्ष अन्वेषण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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