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Bondi Beach Terrorist Attack: पीएम अल्बानीज पर हमलावर हुईं ऑस्टेलिया में विपक्ष की नेता, कहा- सरकार यहूदियों की रक्षा करने में नाकाम

ऑस्ट्रेलिया में विपक्ष की नेता सुसान ले ने बोंडी बीच पर हुए हमले को रोकने में नाकाम रहने पर अल्बानीज सरकार को घेरा। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुदाय में साफ तौर पर गुस्सा और हैरानी का माहौल है। ऑस्ट्रेलियाई नेता की यह टिप्पणी बोंडी बीच हमले में 15 लोगों के मारे जाने के बाद आई।

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पीएम अल्बानीज पर हमलावर हुईं ऑस्टेलिया में विपक्ष की नेता

Bondi Beach Terrorist Attack: ऑस्ट्रेलिया में विपक्ष की नेता सुसान ले ने बोंडी बीच पर हुए भयानक हमले को रोकने में नाकाम रहने पर अल्बानीज सरकार की आलोचना की है। ले ने रविवार को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज पर ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि समुदाय में साफ तौर पर गुस्सा और हैरानी का माहौल है। ऑस्ट्रेलियाई नेता की यह टिप्पणी बोंडी बीच हमले में 15 लोगों के मारे जाने के बाद आई। हमला करने वाले दो आतंकियों में से एक को मार दिया गया, दूसरे का इलाज चल रहा है। सिडनी के इस बीच के पास एक पार्क में दो बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जहां लोग हनुक्का के पहले दिन का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा हुए थे। हमले में 38 अन्य लोग घायल भी हो गए।

सरकार पर विपक्ष हमलावर

ले ने हमले की निंदा करते हुए अपने बयान में कहा, 'ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोध को बढ़ने दिया गया है। हमने यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सुरक्षित रखने में साफ विफलता देखी है। हमने यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों को सुरक्षित रखने में नेतृत्व की साफ कमी देखी है। हमारी सरकार यहूदी-विरोध को एक ऐसी समस्या मानती है जिसे मैनेज करना का सोचती है, न कि ऐसी बुराई जिसे जड़ से खत्म करने किया जाना चाहिए।'

उन्होंने आगे कहा, 'हमने देखा है कि विदेशी आतंकवादी देशों द्वारा यहूदी पूजा स्थलों पर आगजनी की गई है। पिछले दो सालों से हर दिन, यहूदी विरोधी भावना की इस बढ़ती लहर के कारण यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों की जिंदगी मुश्किल हो गई है।' ऑस्ट्रेलियाई विपक्ष की नेता ने PM अल्बानीज से देश के यहूदियों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री ने यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों से कहा है कि वह यहूदी-विरोध से निपटने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। उन्हें आज ही अपने यहूदी-विरोध दूत जिलियन सेगल की रिपोर्ट में दी गई सभी सिफारिशों को लागू करने का वादा करके इसकी शुरुआत करनी चाहिए।'

'ऑस्ट्रेलिया का सबसे काला दिन'

रविवार को सिडनी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, ले ने कहा कि यह दिन देश की आत्मा में हमेशा के लिए बस जाएगा। उन्होंने कहा, 'यह अप्रैल 1996 में पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद से सबसे काला दिन था। ऑस्ट्रेलियाई लोगों को याद रहेगा कि बोंडी नरसंहार के दिन वे कहां थे, और उन्हें वह अविश्वास और सदमे की भावना याद रहेगी जो उन्होंने महसूस की थी। जिन लोगों ने इस खूनी नरसंहार को अपनी आंखों से देखा और अपने प्रियजनों को खो दिया, वे हमेशा के लिए बदल जाएंगे।'

 Nitin Arora
Nitin Arora author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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