बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब हिंदुओं के खिलाफ हिंसा में बदल गया है। बांग्लादेश में अल्पसंख्य हिंदू समुदाय पर लगातार हमला हो रहा है। हिंदुओं के घरों और मंदिरों पर उपद्रवियों ने हमला बोल दिया है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला
बांग्लादेश में शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के बाद हुई हिंसा में कई हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई, महिलाओं पर हमला किया गया तथा अवामी लीग पार्टी से जुड़े कम से कम दो हिंदू नेताओं की हत्या कर दी गई। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद नेता काजोल देबनाथ ने यहां समूह की एक बैठक से इतर पीटीआई को बताया- ‘‘हमने देश के विभिन्न हिस्सों में हुई बर्बरता की कुछ घटनाओं को संकलित किया है, जिससे हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय चिंतित हैं।’’
दो हिंदू नेताओं की हत्या
देबनाथ ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो हिंदू नेताओं की उत्तर-पश्चिमी सिराजगंज और रंगपुर में हत्या कर दी गई, जो हसीना की अवामी लीग पार्टी के नेता थे। उन्होंने कहा कि परिषद अभी और जानकारी एकत्र कर रही है। देबनाथ ने कहा कि हमलावरों ने ‘‘दुकानों, मंदिरों और घरों में लूटपाट की और हिंदू महिलाओं पर हमला किया।’’
कहां-कहां हुआ हिंदुओं पर हमला
परिषद के नेताओं के अनुसार, जिन जिलों में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके घरों या व्यवसायों पर हमला किया गया, उनमें पंचगढ़, दिनाजपुर, रंगपुर, बोगुरा, सिराजगंज, शेरपुर, किशोरगंज, पश्चिम जशोर, मगुरा, नरैल, दक्षिणपश्चिम खुलना, पटुआखली, सतखीरा, मध्य नरसिंगडी, तंगैल, उत्तर पश्चिम लक्खीपुर, फेनी, चटगांव और हबीगंज शामिल हैं। परिषद के महासचिव राणा दासगुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘‘स्थिति गंभीर है और पूरे बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।’’
