दुनिया

ASEAN-India Summit: 21वीं सदी एशिया की सदी, भविष्य को और मजबूत बनाने के लिए लेंगे नए संकल्प, बोले पीएम मोदी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Sep 7, 2023, 08:24 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया के जकार्ता में हैं। आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बाद रखी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 18वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया के जकार्ता कन्वेंशन सेंटर पहुंचे और वहां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने कहा कि हमारी साझेदारी चौथे दशक में प्रवेश कर रही है। इस समिट के शानदार आयोजन के लिए मैं राष्ट्रपति जोको विडोडो का मैं अभिनंदन करता हूं। आसियान समिट की अध्यक्षता के लिए उन्हें बहुत-बहुत बधाई। पीएम मोदी ने कहा कि आसियान भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्रीय स्तंभ है। भारत की इंडो-पैसिफिक पहल में भी आसियान क्षेत्र का प्रमुख स्थान है। वैश्विक अनिश्चितताओं के माहौल में भी हर क्षेत्र में हमारे आपसी सहयोग में लगातार प्रगति हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि हमारा इतिहास और भूगोल भारत और आसियान को एकजुट करता है। इसके साथ ही हमारे साझा मूल्य, क्षेत्रीय एकीकरण और शांति, समृद्धि और एक बहुध्रुवीय दुनिया में हमारा साझा विश्वास है। हमें एकजुट भी करें। आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति का केंद्रीय स्तंभ है। भारत आसियान-भारत केंद्रीयता और भारत-प्रशांत पर आसियान के दृष्टिकोण का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास में आसियान क्षेत्र की अहम भूमिका है। वसुधैव कुटुंबकम 'वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर' यही भावना भारत की जी-20 अध्यक्षता की थीम है। 21वीं सदी एशिया की सदी है। मुझे विश्वास है कि आज हमारी बातचीत से भारत और आसियान क्षेत्र के भावी भविष्य को और सुदृढ़ बनाने के लिए नए संकल्प लिए जाएंगे।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article