'अपने स्वार्थ में घर में आग लगा दी' पूर्व पत्नी रेहम खान ने पाक पीएम इमरान खान पर आरोप

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 3, 2022, 03:54 PM IST

प्रधानमंत्री इमरान खान की सलाह पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने नेशनल असेंबली भंग कर दी। इससे स्पीकर ने संविधान के अनुच्छेद 5 के तहत अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इस पर इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने कहा कि उसने अपने स्वार्थ में घर में आग लगा दी।

'अपने स्वार्थ में घर में आग लगा दी' पूर्व पत्नी रेहम खान ने पाक पीएम इमरान खान पर आरोप

प्रधानमंत्री इमरान खान की सलाह पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने रविवार को नेशनल असेंबली भंग कर दी। इस तरह उन्होंने अपनी सरकार बचा ली। खान ने नए सिरे चुनाव कराने को कहा है। चुनाव 90 दिनों के भीतर कराए जाएंगे। विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद इमरान खान की की पूर्व पत्नी रेहम खान ने उन पर "अपने स्वार्थ के लिए घर में आग लगाने" का आरोप लगाया।

रेहम खान ने ट्वीट किया कि इमरान ने जो सरप्राइज दिया वह वैसा ही था जैसा कोई उम्मीद करेगा। अपने स्वार्थ में घर में आग लगा दी। उनका यह ट्वीट तब आया जब इमरान खान ने राष्ट्रपति आरिफ अल्वी को नेशनल असेंबली भंग करने की सलाह देकर विपक्ष को झटका दिया। राष्ट्रपति ने उनकी सिफारिश को स्वीकार कर लिया और पाकिस्तान में नए सिरे से चुनाव का मार्ग प्रशस्त करते हुए नेशनल असेंबली को भंग कर दिया।

इससे पहले आज, नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी, जो आज के सत्र की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 5 के तहत विरोधाभास बताते हुए खारिज कर दिया।

खान ने कहा कि मैं स्पीकर के फैसले पर हर पाकिस्तानी को बधाई देता हूं। अविश्वास प्रस्ताव हमारे खिलाफ एक विदेशी साजिश थी। पाकिस्तान को तय करना चाहिए कि उन पर कौन शासन करे। खान ने विपक्ष पर उन्हें हटाने के लिए "विदेशी शक्तियों" के साथ साजिश करने का आरोप लगाया था क्योंकि वह रूस और चीन के खिलाफ वैश्विक मुद्दों पर पश्चिम का पक्ष नहीं ले रहा है।

इस हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने अमेरिका पर पाकिस्तान के मामलों में दखल देने का आरोप लगाया था। स्थानीय मीडिया ने बताया था कि खान को वाशिंगटन में इस्लामाबाद के राजदूत का एक ब्रीफिंग पत्र मिला था जिसमें एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने लिखा था कि उन्हें लगा कि अगर खान ने पद छोड़ दिया तो संबंध बेहतर होंगे। पिछले हफ्ते वाशिंगटन में, विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने मीडिया से कहा कि आरोपों में "कोई सच्चाई नहीं" थी।
 

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