UK New PM: ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री पद के लिए एंडी बर्नहैम के नाम पर मुहर लग गई है। शुक्रवार को हुए लेबर पार्टी के नए नेता के चुनाव में एंडी बर्नहैम ने बाजी मार ली है। सोमवार को एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेबर पार्टी ने निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की जगह नए नेता के चुनाव के नतीजों की घोषणा की। इस दौड़ में बर्नहैम एकमात्र उम्मीदवार थे।
पार्टी सांसदों का मिला भारी समर्थन
एंडी बर्नहैम का नेता चुना जाना पहले से ही तय माना जा रहा था। हाउस ऑफ कॉमन्स में लेबर पार्टी के कुल 403 सांसदों में से 379 सांसदों ने उनके नाम का समर्थन किया था। नेता घोषित होने के बाद अपने पहले भाषण में बर्नहैम ने कहा, "हम लोगों को फिर से उम्मीद देने जा रहे हैं। आज आपने मुझे और मेरे परिवार को जो सम्मान दिया है, वह मेरे लिए एक गर्व और भावुक करने वाला क्षण है, लेकिन मैं इस जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार हूं।"
कौन हैं एंडी बर्नहैम?
एंडी बर्नहैम 'ग्रेटर मैनचेस्टर' के मेयर रह चुके हैं। करीब एक महीने पहले ही उन्होंने संसद के एक विशेष चुनाव में जीत हासिल कर ब्रिटिश संसद में वापसी की थी। अपने पूर्ववर्ती कीर स्टारमर के सख्त मिजाज के मुकाबले बर्नहैम को अधिक मिलनसार और लेबर पार्टी के सबसे बेहतरीन संचारकों में से एक माना जाता है। बर्नहैम ने वादा किया है कि वह देश में "एकता और उम्मीद" पर आधारित राजनीति की शुरुआत करेंगे और एक ऐसी अर्थव्यवस्था का निर्माण करेंगे, जिससे पूरे देश में समान रूप से विकास हो।
इन मोर्चों पर काम करना होगा
भले ही बर्नहैम नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, लेकिन उनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री जैसी ही बड़ी और जटिल चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं। यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे युद्धों के कारण देश की सुस्त अर्थव्यवस्था और बढ़ती महंगाई से निपटना बर्नहैम के लिए आसान नहीं होगा। इसके साथ ही बुजुर्गों, बीमारों और दिव्यांगों के लिए बेहतर 'सोशल केयर'सुविधाएं उपलब्ध कराना भी चुनौती होगी, जो बढ़ती उम्र की आबादी वाले इस देश की एक गंभीर समस्या रही है।
क्यों देना पड़ा कीर स्टार्मर को इस्तीफा?
निवर्तमान प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने पिछले महीने अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। केवल दो साल के कार्यकाल में उनके कुछ गलत फैसलों और रणनीतिक चूकों के कारण पार्टी और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से घटी थी। ब्रिटेन में लेबर पार्टी ओपिनियन पोल्स में लगातार एंटी-इमिग्रेशन पार्टी 'रिफॉर्म यूके' से पिछड़ रही थी। इसके अलावा, मई में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद स्टार्मर पर इस्तीफा देने का चौतरफा दबाव बन गया था।
