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अमेरिका: ट्रंप के करीबी 'चार्ली किर्क' की आखिर क्यों की गई हत्या? आरोपी रॉबिन्सन पर तय किए गए 7 आरोप

रॉबिन्सन पर जानबूझकर किर्क की हत्या करने का आरोप है। दोषी पाए जाने पर उसे मृत्युदंड, आजीवन कारावास, बिना पैरोल के आजीवन कारावास या कम से कम 25 साल की सजा हो सकती है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ चार्ली किर्क। (Photo- AP)

Charlie Kirk Assassination: यूटा वैली यूनिवर्सिटी (Utah Valley University) परिसर में पिछले सप्ताह हुए एक कार्यक्रम के दौरान रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति पर अदालत में सात आरोप तय किए गए हैं।

रॉबिन्सन का परिवार कुछ नहीं बोला

अभियोजकों ने मंगलवार को 22 वर्षीय आरोपी टायलर रॉबिन्सन के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायाधीश ने आरोप पढ़े और कहा कि आरोपी के लिए एक वकील नियुक्त किया जाएगा। रॉबिन्सन के परिवार ने गिरफ्तारी के बाद से कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।

रॉबिन्सन पर क्या आरोप?

रॉबिन्सन पर जानबूझकर किर्क की हत्या करने का आरोप है। दोषी पाए जाने पर उसे मृत्युदंड, आजीवन कारावास, बिना पैरोल के आजीवन कारावास या कम से कम 25 साल की सजा हो सकती है। सजा और भी बढ़ायी जा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उसने किर्क को उनके राजनीतिक विचारों के कारण निशाना बनाया। बता दें कि यह घटना उनके बच्चों की मौजूदगी में हुई।

रॉबिन्सन पर घातक हथियार से गोली चलाने का भी आरोप है। साथ ही उस पर न्याय में बाधा डालने और सबूतों से छेड़छाड़ करने के भी आरोप लगाए गए हैं।

कौन थे किर्क?

बता दें कि किर्क की 10 सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह गैर-लाभकारी राजनीतिक संगठन 'टर्निंग पॉइंट यूएसए' के सह-संस्थापक थे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी थे।

गोलीबारी के समय किर्क यूटा वैली विश्वविद्यालय में 'टर्निंग पॉइंट' द्वारा आयोजित एक परिचर्चा को संबोधित कर रहे थे। उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां कुछ घंटों बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।

पोप ने जतायी संवेदना

इस बीच, पोप लियो 14वें ने वेटिकन सिटी में नए अमेरिकी राजदूत से मुलाकात के दौरान कहा कि वह यूटा में पिछले सप्ताह मारे गए रूढ़िवादी कार्यकर्ता किर्क, उनकी पत्नी और बच्चों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। वेटिकन के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

प्रवक्ता मत्तेओ ब्रूनी ने 'वेटिकन न्यूज' में प्रकाशित टिप्पणी में कहा कि पोप ने राजनीतिक हिंसा पर चिंता व्यक्त की और इस बात पर जोर दिया कि ऐसी बयानबाजी और अवसरवादी रवैया नहीं अपनाना चाहिए, जो संवाद के बजाय समाज में ध्रुवीकरण को बढ़ावा देता है। पोप ने यह टिप्पणी शनिवार को उस समय की जब उन्हें अमेरिकी राजदूत ब्रायन बर्च ने अपना परिचय पत्र सौंपा। यह प्रोटोकॉल भेंट दोनों के बीच पहली मुलाकात थी।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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