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भारत के 'कूटनीतिक प्रहार' से पाकिस्तान में खलबली, शहबाज ने बुलाई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की आपात बैठक

Pahalgam Terror Attack : सीसीएस की बैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि एक मई, 2025 तक राजनयिक संबंधों में और कटौती के माध्यम से उच्चायोगों में तैनात लोगों की कुल संख्या वर्तमान में 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी। भारत ने सिंधु जल का पानी रोक दिया है। पाकिस्तान के लिए यह बहुत बड़ा झटका है।

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पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर लगाए प्रतिबंध।

Pahalgam Terror attack : पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की हत्या होने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ बेहद ही कड़ा कदम उठाया है। बुधवार रात सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक के बाद भारत ने पाकिस्तान पर पांच प्रतिबंध लगाए। भारत ने सबसे बड़ा कदम सिंधु जल समझौते पर उठाए हैं। भारत ने सिंधु जल का पानी रोक दिया है। भारत के इन पांच कदमों के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। वहां आज राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई गई है जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ करेंगे।

NSC की इस बैठक में सेना के वरिष्ठ अधिकारी एवं मंत्री शामिल होंगे। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि एनएससी की बैठक में भारत के कदमों पर चर्चा होगी और इसके बाद वह जवाबी कार्रवाई करेगा।

भारत सरकार ने उठाए हैं 5 कदम

  1. 1960 की सिंधु जल संधि तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेगी, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय रूप से सीमापार आतंकवाद को अपना समर्थन बंद नहीं कर देता।
  2. सीसीएस की बैठक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि एक मई, 2025 तक राजनयिक संबंधों में और कटौती के माध्यम से उच्चायोगों में तैनात लोगों की कुल संख्या वर्तमान में 55 से घटाकर 30 कर दी जाएगी।
  3. मिस्री ने कहा कि ‘पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित (पर्सोना नॉन ग्राटा) घोषित किया गया है’ तथा उनसे एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि भारत भी इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना, वायु सलाहकारों को वापस बुलाएगा। मिस्री ने कहा कि दोनों उच्चायोगों से सेवा सलाहकारों के पांच सहायक कर्मचारियों को भी वापस लिया जाएगा।
  4. अटारी एकीकृत जांच चौकी को भी तत्काल प्रभाव से बंद करने का फैसला किया गया। यह दोनों देशों के बीच एकमात्र चालू पारगमन सीमा है। जो लोग वैध प्रमाण-पत्र के साथ सीमा पार गए हैं, वे एक मई से पहले उस मार्ग से लौट सकते हैं।
  5. मिस्री ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को दक्षेस वीजा छूट योजना (एसवीईएस) के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तानी नागरिकों को अतीत में जारी किए गए किसी भी एसवीईएस वीजा को रद्द माना जाएगा।’नागरिकों 48 घंटे में देश छोड़ना होगा।

ढाई घंटे तक चली सीसीएस की बैठक

ढाई घंटे तक चली बैठक के बारे में मिस्री ने बताया कि हमले में कई लोग घायल हुए हैं। सीसीएस ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मिस्री ने कहा कि दुनिया भर की कई सरकारों ने अपना समर्थन और एकजुटता दिखायी है और उन्होंने स्पष्ट रूप से इस आतंकवादी हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा, ‘सीसीएस ने ऐसी भावनाओं की सराहना की, जो आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दर्शाती है।’

जम्मू-कश्मीर की प्रगति रोकने के लिए हुआ हमला

विदेश सचिव ने बताया कि सीसीएस को दी गई ‘ब्रीफिंग’ में आतंकवादी हमले के सीमा पार संबंधों को सामने लाया गया। उन्होंने कहा कि इस बात को रेखांकित किया गया कि यह हमला जम्मू-कश्मीर में चुनावों के सफल आयोजन और आर्थिक वृद्धि तथा विकास की दिशा में इसकी निरंतर प्रगति के मद्देनजर हुआ।

आतंकवाद के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई

मिस्री ने कहा कि सीसीएस ने समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और सभी सुरक्षा बलों को उच्च सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, ‘इसमें यह संकल्प लिया गया कि हमले के अपराधियों को न्याय के कठघरे में लाया जाएगा और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘तहव्वुर राणा के हालिया प्रत्यर्पण की तरह, भारत उन लोगों की तलाश में लगातार डटा रहेगा जिन्होंने आतंकवादी कृत्य किए हैं या इसकी साजिश रची है।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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