Firing in US: अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में यहूदी म्यूजिसम के बाहर इजरायली दूतावास के दो कर्मचारियों की बुधवार शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने कैपिटल यहूदी म्युजिसम के बाहर गोलीबारी के बाद 'एक्स' पर साझा किए गए एक पोस्ट में मौतों की पुष्टि की। पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया जिसने 'फलस्तीन को आजाद करो' के नारे लगाए।
कहां हुई गोलीबारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहूदी म्यूजियम, एफबीआई फील्ड कार्यालय और अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय के पास मौजूद नॉर्थवेस्ट 3 और एफ स्ट्रीट के पास एक पुरुष और एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने बताया कि उन्हें और उनकी टीम को गोलीबारी के बारे में जानकारी दी गई है।
अंतराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने कहा कि वह पूर्व न्यायाधीश जीनिन पीरो के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। पीरो वाशिंगटन में अमेरिकी अटॉर्नी के पद पर कार्यरत हैं। संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने इस घटनाक्रम को यहूदी विरोधी आतंकवाद का घृणित कृत्य करार दिया। उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''हमें विश्वास है कि अमेरिकी अधिकारी इस आपराधिक कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्स कार्रवाई करेंगे।''
म्यूजियम के बाहर घूम रहा था संदिग्ध
मेट्रोपॉलिटन पुलिस प्रमुख पामेला स्मिथ ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि 'कैपिटल यहूदी म्यूजियम' में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद एक पुरुष और एक महिला वहां से बाहर निकल रहे थे तभी 30 वर्षीय संदिग्ध चार लोगों के समूह के पास पहुंचा और उन पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
स्मिथ ने बताया कि संदिग्ध को गोलीबारी से पहले म्यूजियम के बाहर घूमते देखा गया था। उन्होंने बताया कि गोलीबारी के बाद वह म्यूजियम के अंदर गया और वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे हिरासत में ले लिया। स्मिथ ने कहा कि जब उसे हिरासत में लिया गया तो उसने 'फलस्तीन को आजाद करो' के नारे लगाए।
