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ये है दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन! असली साइज जानकर उड़ जाएंगे होश

World largest railway station: चीन का चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन क्षेत्रफल के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा स्टेशन बन गया है। यह आधुनिक डिजाइन, हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी और यात्रियों के लिए बेहतरीन सुविधाओं के कारण एक बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनकर उभरा है।

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चोंगकिंग ईस्ट बना सुपर स्टेशन (Photo: iStock)

Biggest train station area: चीन का चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन आधुनिक इंजीनियरिंग और वास्तुकला का एक शानदार उदाहरण माना जा रहा है। यह स्टेशन जून 2025 में खोला गया और क्षेत्रफल के आधार पर इसे दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन (dunia ka sabse bada railway station) कहा जा रहा है। इसका कुल निर्माण क्षेत्र करीब 12.2 लाख वर्ग मीटर है, जो लगभग 170 फुटबॉल मैदानों के बराबर बताया जाता है। अगर इसकी तुलना अमेरिका के मशहूर Grand Central Terminal से करें, तो चोंगकिंग ईस्ट उससे कई गुना बड़ा है। ग्रैंड सेंट्रल का क्षेत्रफल करीब 2 लाख वर्ग मीटर है और यह 1913 में बना था। वह अपने समय का शानदार स्टेशन था और आज भी अपनी ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है।

हर घंटे करीब 16,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता

लेकिन चोंगकिंग ईस्ट (chongqing east railway station) आधुनिकता और बड़े पैमाने का नया उदाहरण पेश करता है। यह नया स्टेशन हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इसमें 15 प्लेटफॉर्म और 29 ट्रैक बनाए गए हैं, जो बड़ी संख्या में ट्रेनों को संभाल सकते हैं। यह स्टेशन हर घंटे करीब 16,000 यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है, जिससे यात्रियों को तेज और आसान यात्रा का अनुभव मिलता है। स्टेशन का डिजाइन भी बहुत खास है। यहां पेड़ों जैसे दिखने वाले खंभे बनाए गए हैं और बांस से प्रेरित साइन लगाए गए हैं, जो इसे एक अलग पहचान देते हैं। इसके अलावा, यहां की बड़ी कांच की छत प्राकृतिक रोशनी को अंदर आने देती है, जिससे दिन में बिजली की जरूरत कम होती है और माहौल भी खुला-खुला लगता है।

यह सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि एक पूरा ट्रैवल हब

यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा गया है। स्टेशन में करीब 5,000 सीटें हैं, जिनमें से 1,000 सीटों पर USB चार्जिंग की सुविधा दी गई है। इसके अलावा यहां रेस्तरां, शॉपिंग एरिया और मेट्रो कनेक्शन भी मौजूद हैं, जिससे यह सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि एक पूरा ट्रैवल हब बन जाता है। इस बड़े प्रोजेक्ट की लागत लगभग 8 बिलियन डॉलर बताई जाती है। यह स्टेशन चीन के बड़े शहरों को आपस में जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो चोंगकिंग ईस्ट रेलवे स्टेशन यह दिखाता है कि आज के समय में “सबसे बड़ा” सिर्फ आकार नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधा, डिजाइन और क्षमता का मेल भी होता है।

monu jha
मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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