वायरल न्यूज़

हिंदी में कहते हैं जीजा तो उर्दू में क्या कहलाते हैं दीदी के हसबैंड, जानकार भी बताने में फेल हो जाएंगे

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Nov 6, 2023, 08:04 PM IST

परिवार में जब बहन की शादी होती है तो उसके पति को जीजा कहते हैं। अगर इंग्लिश की बात की जाए तो जीजा को Brother In Law कहते हैं। ऐसे में क्या आपको मालूम है कि जीजा को उर्दू में क्या कहते हैं? आइए जानते हैं..

Image

प्रतीकारात्मक चित्र (Image Credit - iStock)

What Is Jija Called In Urdu: जब बच्चा जन्म लेता है तो उसके नाम के साथ कई रिश्ते जुड़ जाते हैं। इनमें पहला रिश्ता होता है मां-बाप का। इसके बाद आता है भाई-बहन और बाकी रिश्ते। फिर जब धीरे-धीरे बच्चा बड़ा होने लगता है तो उसके साथ कई और नए रिश्ते जुड़ जाते हैं। इनमें दादा-दादी, नाना-नानी, मामा-मामी, चाचा-चाची और भी कई सारे। लेकिन जब बड़े भाई की शादी हो जाती है तो उसके साथ वाली महिला उसकी भाभी हो जाती है। इसी तरह जब बहन की शादी होती है तो उसके साथ जुड़ने वाला शख्स जीजा कहलाता है।

ऐसे में जीजा को बहनोई भी कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जीजा को उर्दू में क्या कहते हैं? इस सवाल का जवाब शायद ही कोई दे पाए। अनुमान है कि आप इस सवाल का आंसर नहीं जानते हैं। कहा जा रहा है कि जो भी इसका आंसर दे पाएगा, वो अपने आपमें महान ज्ञानी होगा। तो क्या आप दे पाएंगे इस सवाल का सही जवाब..

जीजा को उर्दू में क्या कहते हैं?

वैसे देखा जाए तो जो हमारे मुस्लिम भाई होंगे उन्हें इसके बारे में पता होगा, लेकिन अगर आपको नहीं मालूम है तो हम आपको इस सवाल का जवाब बताने जा रहे हैं। दरअसल, सालियों के सबसे प्रिय जीजा जी ही होते हैं, उन्हें उर्दू में दूल्हा भाई कहते हैं। ऐसे में जब भी आपसे कोई पूछे कि जीजा को उर्दू में क्या कहते हैं? तो अब आप भी इसका आंसर उन्हें दे सकते हैं। तो आपको स्टोरी कैसी लगी, हमें कमेंट कर जरूर बताएं।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

और पढ़ें
End of Article