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Viral Video: दुबई में इस तरह रहते हैं UP-बिहार के मजदूर, वीडियो देख रूह कांप जाएगी, यूजर्स ने किया रिएक्‍ट

Viral Video: दुबई में काम करने वाले कुछ भारतीय मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले भी हैं। मगर क्‍या आपने कभी ये सोचा है कि, दुबई में उनकी जिंदगी कैसी है? इन दिनों सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो सामने आया है।

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दुबई के वायरल वीडियो का स्‍क्रीन ग्रैब।

KEY HIGHLIGHTS
  • @the_construction_expert_ ने इंस्‍टाग्राम पर शेयर किया वीडियो
  • बड़े से हॉल में जर्जर बेडों की हालत देख भड़के भारतीय
  • सच्‍चाई देख यूजर्स ने जताई हैरत

Viral Video: सोशल मीडिया की दुनिया से लेकर वास्‍तविक दुनिया तक लोग दुबई को आलीशान गगनचुंबी इमारतों के लिए जानते हैं। बुर्ज खलीफा और प्रिंसेस टॉवर के अलावा दुबई अपने रिहायशी लाइफस्‍टाइल के लिए भी काफी फेमस है। यहां की लाइफस्‍टाइल के लिए ही दुनिया भर से लाखों लोग रोजगार और कमाई की तलाश में दुबई आते हैं। मगर दुबई की चमचमाती और रंगीन लाइफस्‍टाइल के पीछे एक काला सच भी छिपा है। दरअसल, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों से सैकड़ों हज़ारों मज़दूर दिहाड़ी मज़दूरी की तलाश में दुबई आते हैं, जो कि कंस्‍ट्रक्‍शन से जुड़े काम करते हुए दिखाई देते हैं।

दुबई में काम करने वाले कुछ भारतीय मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले भी हैं। मगर क्‍या आपने कभी ये सोचा है कि, दुबई में उनकी जिंदगी कैसी है? इन दिनों सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। जिसमें दुबई का एक अलग ही रूप दिखाई दे रहा है। हालांकि इस नजारे को देख आपका दिल टूटना तय है। बता दें कि, दुबई में मजदूरों के रहने की कठोर परिस्थितियों को उजागर करने वाला यह वायरल वीडियो इंस्टाग्राम पर @the_construction_expert_ द्वारा शेयर किया गया था। वायरल वीडियो देखकर कई लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि, कैसे यूपी और बिहार सहित अलग-अलग देशों के अन्‍य मज़दूर अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि, बड़े से हॉल में टिन शेड की छत है जिसमें जर्जर बेड रखे हुए हैं। यह हॉल किसी बाड़े जैसा दिखने में प्रतीत होता है। बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन और भारत के हज़ारों लोग दिन भर मेहनत करने के बाद इस शिविर में अपनी रातें बिताते हैं। कई ऐसे वीडियो पहले भी सामने आते रहे हैं। हालांकि, इस वीज्ञियो को 24 घंटे में 6 लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। इस पर हजारों लोगों ने लाइक, शेयर और कमेंट किए हैं।

वीडियो देखकर कई यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने इमारत की तुलना जानवरों के फार्म से की। एक यूजर ने कहा कि, 'यह पोल्ट्री फार्म का अपडेटेड वर्जन जैसा दिखता है।' दूसरे यूजर ने कहा कि, 'मेरे भाइयों, भारत में रहो- कम से कम तुम सुरक्षित रहोगे और अपने परिवार के साथ रहोगे। ऐसी परिस्थितियों में पैसा कमाने का क्या मतलब है?' तीसरे यूजर ने कहा कि, 'लोग गर्व से कहते हैं, मेरा बेटा दुबई में कमाता है या मेरा पति दुबई में रहता है, लेकिन इंटरनेट ने सच्चाई बता दी है।' एक अन्‍य यूजर ने कहा कि, 'यह किसी जेल से कम नहीं है।'

वीडियो देखकर तकरीबन हर किसी ने इसे अमानवीय बताते हुए आलोचना की। एक यूजर ने बताया कि, 'गर्मियों के दौरान, श्रमिकों को 3 घंटे का ब्रेक दिया जाता है। उनके लिए वातानुकूलित कमरे और शौचालय उपलब्ध हैं। बसें भी श्रमिकों को उनके रहने के क्वार्टर तक ले जाती हैं। दुबई में एक कमरे में छह से अधिक लोगों को रहने की अनुमति नहीं है।'

(डिस्‍क्‍लेमर: यह खबर वायरल दावों पर आधारित है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इस खबर में किए दावे या Video की पुष्टि नहीं करता है।)

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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