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कलयुग का श्रवण कुमार! 92 वर्षीय मां को बैलगाड़ी से खींचकर महाकुंभ ले जा रहा 65 साल का बेटा, वीडियो देख आपकी भी आंखें हो जाएंगी नम

प्रयागराज में आयोजित किए जा रहे महाकुंभ मेले में डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश से लोग पहुंच रहे हैं। इस बीच काफी कुछ ऐसा भी देखने को मिला, जो लोगों की आस्था को दर्शाता है।

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92 साल की मां को बैलगाड़ी पर बैठाकर महाकुंभ पहुंचा बेटा (X)

KEY HIGHLIGHTS
  • 92 साल की मां को लेकर पहुंचा महाकुंभ
  • बैलगाड़ी पर बैठाकर महाकुंभ पहुंचा बेटा
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Son Takes His Old Mother On Bullock Cart: महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए विदेशी से लोग आ रहे हैं। भीड़ को देखते हुए सरकार का अनुमानित आंकड़ा भी कम लगने लगा है। महाकुंभ में काफी लोग ऐसे लोग हैं, जो अनोखे अंदाज में पहुंच रहे हैं। कुछ दिन पहले एक महिला का वीडियो सामने आया था, जहां वह अपने सास को पीठ पर लेकर महाकुंभ पहुंची थी। भारतीय संस्कृति को दर्शाता ये वीडियो बेहद ही सुंदर रहा।

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हाल ही में वायरल हुए इस वीडियो में आपको एक शख्स दिखाई देगा, जिसकी उम्र करीब 65 साल है। उस व्यक्ति का नाम चौधरी सुदेश पाल मलिक है, जिन्होंने मुजफ्फरनगर से बैलगाड़ी पर अपनी 92 वर्षीय मां को लेकर महाकुंभ जा रहे हैं। उनका कहना है कि करीब 25 साल पहले उनके पैरों में समस्या आई थी, जिसके बाद उनका चलना-फिरना दुश्वार हो गया था लेकिन उनकी मां की दुआंओं के चलते वे पूरी तरह से ठीक हो गए हैं।

92 साल की मां को बैलगाड़ी पर बैठाकर महाकुंभ पहुंचा बेटा

चौधरी सुदेश पाल मलिक का कहना है कि मां का आभार जताने के लिए ही उन्होंने मां को बैलगाड़ी पर ले जाने का फैसला लिया। वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे वे खुद बैलगाड़ी चलाकर ले जा रहे हैं। एक्स पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर यूजर्स की काफी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। कुछ यूजर्स उन्हें कलयुग का श्रवण कुमार भी बता रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि यह महज एक नजारा नहीं है बल्कि महाकुंभ के प्रति आस्था को भी दिखाता है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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