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पूर्व स्टार्टअप संस्थापक को नौकरी ढूंढ़ने में हो रही परेशानी, कहा- 'कोई वापस नहीं बुला रहा..' देखें Viral Post

Viral Post: पूर्व स्टार्टअप संस्थापक ने बताया कि, उनका सपना जल्द ही टूट गया, क्योंकि बिना किसी फंडिंग के उनके सह-संस्थापक पीछे हट गए और अंततः उन्हें अपनी फर्म बंद करनी पड़ी और नौकरी के बाजार में प्रवेश करना पड़ा।

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जॉब के लिए परेशान शख्‍स।

Viral Post: एक पूर्व स्टार्टअप संस्थापक ने हाल ही में Reddit पर उद्यमिता के बाद नौकरी पाने के संघर्ष को साझा किया है। 'मैं एक संस्थापक था' नामक पोस्‍ट में उसने बताया कि, 'अब मैं नौकरी की तलाश कर रहा हूं और कोई भी वापस कॉल नहीं कर रहा है या यहां तक कि जवाब भी नहीं दे रहा है।' एक यूजर ने खुलासा किया कि उसने दो दोस्तों के साथ एक स्वस्थ फूड एंड बेवरेज स्टार्टअप की सह-स्थापना की थी, जहां उन्होंने मार्केटिंग और ग्राहक सेवा से लेकर फाइनेंस से लेकर तमाम चीजों का मैनेजमेंट खुद ही किया। उन्होंने कहा, 'हमने बूटस्ट्रैप किया, सब कुछ सीखा और जब तक हम कर सकते थे, इसे चालू रखा।'

अपनी पोस्‍ट में पूर्व स्टार्टअप संस्थापक आगे बताता है कि, उनका सपना जल्द ही टूट गया, क्योंकि बिना किसी फंडिंग के उनके सह-संस्थापक पीछे हट गए और अंततः उन्हें अपनी फर्म बंद करनी पड़ी और नौकरी के बाजार में प्रवेश करना पड़ा। रेडिट यूजर ने कहा कि, 'हम एक ऐसे बिंदु पर पहुंच गए जहां हमें निर्णय लेना था या तो हम वह धन जुटाएं जिसके लिए हम तैयार नहीं थे या यह स्वीकार करें कि शायद यह हमारे सपनों के अनुसार नहीं होने वाला था। हम और अधिक धन नहीं लगा सकते थे और मेरे भागीदारों ने पीछे हटने का फैसला किया और मुझे अब नौकरी की तलाश करनी पड़ी और तब मुझे एहसास हुआ कि यह बदलाव वास्तव में कितना कठिन है।'

रेडिट यूजर ने अपने संघर्षों को रेखांकित करते हुए कहा कि, कई साक्षात्कारों और सकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद, उसे बताया गया कि उनका बैकग्राउंड नौकरी की अनुकूलता से कहीं अधिक है यानी उनसे कहा गया कि, 'आप ज़रूरत से ज़्यादा योग्य हैं।' रेडिटर ने कहा कि, 'मैं कुछ भी अपमानजनक नहीं मांग रहा हूं। बस एक मौका। यह कोई गुस्सा या दया की अपील नहीं है। यह सिर्फ वह हिस्सा है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता है। कभी-कभी, संस्थापक की कहानी चुपचाप समाप्त हो जाती है।' यह पोस्ट कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को पसंद आई, जो इसी राह पर चल रहे थे।

एक उपयोगकर्ता ने सुझाव दिया, 'कुछ साल पहले अपनी पिछली कंपनी बंद करने/उससे बाहर निकलने के बाद मैं भी इसी स्थिति में था। मुझे नहीं पता कि इसके अलावा आपके पास कोई कार्य अनुभव है या नहीं, लेकिन मेरा सुझाव है कि आप उन कंपनियों के संस्थापकों से सीधे संपर्क करें जिनके साथ आप काम करना चाहते हैं।' दूसरे ने कहा कि, 'मैंने अपना व्यवसाय बंद कर दिया और उसी समय नौकरियों के लिए आवेदन भी किया। कुछ भी काम नहीं आया। लोगों को यह समझाना कठिन है कि आप फिर से टीम का हिस्सा बन सकते हैं।' तीसरे ने कहा कि, 'बिल्कुल आपकी जैसी ही स्थिति है। मुझे अपना व्यवसाय बंद करना पड़ा क्योंकि मेरे पास अपने सभी निजी फंड खत्म हो गए थे। मैं अपने अगले उद्यम के लिए फंड जुटाने की कोशिश कर रहा हूं और साथ ही नौकरियों के लिए आवेदन भी कर रहा हूं। फिलहाल कुछ भी काम नहीं आ रहा है। उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा।' चौथे यूजर ने कहा कि, 'मैं भी वहीं हूं जहां आप अभी हैं। 2 साल हो गए हैं, कोई सफलता नहीं मिली। पिछले नेटवर्क से मिले कुछ फ्रीलांस काम से गुजारा कर रहे हैं। हम फिनटेक में काम कर रहे थे। फिर से शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन पहले से ज़्यादा सावधानी से।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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