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देश का अनोखा मंदिर.. जहां प्रसाद के रूप में मिलता है पिज्जा-चॉकलेट, सच्चाई जान चौंक जाएंगे आप

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated May 8, 2023, 11:47 AM IST

गुजरात के राजकोट में मां जीवंतिका को समर्पित एक ऐसा मंदिर है, जहां माता को भोग में पिज्जा-चॉकलेट चढ़ाया जाता है और भक्तों में भी इसी प्रसाद को बांटा भी जाता है। यह भारत के अनोखे मंदिरों की लिस्ट में शामिल काफी चर्चित मंदिर है।

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मंदिर में मिलता है पिज्जा का प्रसाद (Image Credit : Social Media)

KEY HIGHLIGHTS
  • भक्तों को मिलता है पिज्जा-चॉकलेट का प्रसाद
  • मां जीवंतिका को समर्पित है यह मंदिर
  • आरती के समय लगता है भक्तों का जमावड़ा

Pizza Temple Rajkot: भारत में इतने मंदिर हैं कि अगर हर एक इंसान एक-एक मंदिर में दर्शन करना चाहे तो उसकी जिंदगी भी कम पड़ सकती है। यहां आपको छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा मंदिर देखने को मिल जाएगा, जो अपनी खासियत और अपने अनोखेपन के लिए जाना जाता है। ऐसे में आज हम आपके लिए एक ऐसा मंदिर लेकर आए हैं, जो अपने अनोखेपन के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में प्रसाद के रूप में लाचीदाना-गरी या लड्डू-पेड़ा नहीं मिलता बल्कि यहां ऐसा चीज मिलता है, जिसके आप सब हमेशा पागल रहते हैं।

दरअसल, इस मंदिर में प्रसाद के रूप में भक्तों को पिज्जा और चॉकलेट बांटा जाता है। इतना ही नहीं, मंदिर में भगवान को भोग भी इसी का लगाया जाता है। यह मंदिर मां जीवंतिका को समर्पित है, जो गुजरात के राजकोट में स्थित है। 46 साल पहले स्थापित किए गए इस मंदिर में भक्तों को यह अनोखा प्रसाद दिया जाता है। यही कारण है कि इस मंदिर में शाम के समय जब आरती की जाती है तो यहां भक्तों की भीड़ देखने लायक होती है। पिज्जा और चॉकलेट के अलावा भक्तों को कभी-कभी पानीपूरी और कोल्ड्रिंक भी दी जाती है। यह मंदिर अपने इसी अनोखेपन के कारण सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहता है।

बच्चों का खासा प्रिय है पिज्जा वाला मंदिर

दरअसल, मां जीवंतिका बच्चों की रक्षा करती हैं, ऐसे में लोग माता का व्रत भी रखते हैं ताकि उनके बच्चों की रक्षा माता करें। ऐसे में बच्चों के लिए इस मंदिर में इस तरह का अनोखा प्रसाद बांटा जाता है। यह मंदिर बच्चों को खासा पसंद है, यही कारण है यहां बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी मंदिर में माता का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। यह मंदिर न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी चर्चा में बना रहता है। इसीलिए विदेशियों द्वारा भी मंदिर में समय-समय पर पार्सल के जरिए प्रसाद भिजवाया जाता है। मंदिर की वेबसाइट पर संबंधित पूरी जानकारी भी दी गई है।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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