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Shocking: कब्रिस्तान में लगा टेलीफोन मरे हुए परिजनों से कराता है बात! नोटबुक में लिखकर भेजते हैं मैसेज

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Feb 25, 2023, 09:10 PM IST

Ajab Gajab News: जापान में एक रहस्यमयी टेलीफोन बूथ है। कब्रिस्तान में लगे इस टेलीफोन को लेकर दावा किया जाता है कि यह लोगों को उनके मरे हुए परिजनों से बात करवाता है। जिसे भी अपने मरे हुए परिजन से बात करनी होती है, वह इस टेलीफोन बूथ में चला जाता है।

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अनोखा टेलीफोन बूथ (सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • जापान में है रहस्यमयी टेलीफोन बूथ
  • मरे हुए परिजनों को फोन मिलाते हैं लोग
  • जापान के इस दावे पर हैरान हैं लोग

Ajab Gajab News: दुनिया में कुछ दावे ऐसे हैं, जिनके बारे में सुनकर लोगों को भरोसा नहीं होता है। इसके बाद भी ये दावे यकीनी तौर पर स्वीकार किए जाते हैं। ऐसा ही एक दावा जापान से सामने आया है। वहां एक रहस्यमयी टेलीफोन बूथ है, जो कब्रिस्तान में लगा हुआ है। इस टेलीफोन के बारे में कहा जाता है कि यह लोगों को अपने मरे हुए परिजनों से बात करवाता है। जब किसी को अपने मरे हुए परिजन की याद आती है तो वह इस टेलीफोन बूथ में चला जाता है और उनसे बात करके अपने मन को हल्का कर लेता है।

क्या हुआ हैरान रह गए न आप? भले ही यह आपके और हमारे लिए हैरान करने वाली बात है, लेकिन जापान के लोग इस दावे को स्वीकार करते हैं। जब भी उन्हें किसी अपने मरे हुए सदस्य की याद आती है, तो वह इस टेलीफोन बूथ में जाकर उन्हें फोन मिलाकर उससे बात करते हैं और बूथ के अंदर रखे हुए एक नोटबुक में उनके लिए मैसेज लिखते हैं। जापान के ओत्‍सुची नाम के शहर में प्रशांत महासागर के पास यह टेलीफोन बूथ स्थित है।

बच्चे ने की थी मरे हुए दादाजी से बात!

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले इस टेलीफोन बूथ से एक बच्चे ने अपने मृतक दादाजी से बात करनी शुरू की थी। दरअसल, साल 2015 में जापान में सुनामी आया था। इस सुनामी में बच्चे ने अपने दादा जी को गंंवा दिया था। दादा जी की मौत के बाद बच्चे रोज इस टेलीफोन बूथ में आकर बातें करने लगा। जब लोगों ने उसकी बात सुनी तो वह भी टेलिफोन बूथ पर पहुंचने लगे। इसके बाद जिन लोगों के परिजन इस कब्रिस्तान में दफनाए गए, उन लोगों को महसूस हुआ कि वह भी अपने मृतक परिजन से बात कर सकते हैं।

बता दें कि तारु सासाकी नाम के व्यक्ति ने इस टेलीफोन बूथ को अपने भाई की याद में लगवाया था। इसके साथ ही उसने यहां एक नोटबुक रखी थी। इसमें अपने मृतक परिजन के लिए संदेश लिखा जाता है। सबसे पहले सासाकी ने ही इस टेलिफोन का इस्तेमाल किया था। वह अपने भाई के बिना रह नहीं पा रहे थे। अपनी सारी तकलीफें वह इस टेलीफोन के जरिए अपने भाई तक पहुंचाते थे। इससे उन्हें काफी रिलैक्स मिलता था। कई अन्य लोगों ने भी अपने मृतक परिजनों के साथ बातचीत का दावा किया है।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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