Commonwealth Games 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का मेडल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया और प्रतियोगिता में भारत का खाता खोला।
झंडू कुमार का दमदार प्रदर्शन
बचपन में पोलियो और कड़े आर्थिक संकटों को पछाड़कर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे झंडू कुमार ने अपने वर्ग में 130.9 अंक हासिल किए। उन्होंने अपने पहले प्रयास में 181 किग्रा और दूसरे प्रयास में 190 किग्रा का सफल वजन उठाकर बढ़त बना ली। उठाया। हालांकि, वे अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 196 किग्रा उठाने में असफल रहे, लेकिन उनके शुरुआती प्रयासों में हासिल हुए 130.9 अंकों की बदौलत भारत पोडियम तक पहुंच ही गया। इसी स्पर्धा में भाग ले रहे भारतीय एथलीट सुधीर 114.1 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहे। वहीं नाइजीरिया के इद्रिस रिलुवान ने 132.8 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग (131 अंक) ने रजत पदक पर कब्जा जमाया।
अशोक मलिक कांस्य पदक से चूके
पैरा पावरलिफ्टिंग के लाइटवेट वर्ग में भारत को पदक का एक और मौका मिला था, लेकिन अशोक मलिक बेहद नजदीकी मुकाबले में 143.8 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहकर पोडियम से चूक गए। इस वर्ग में इंग्लैंड के मार्क स्वान ने गोल्ड, नाइजीरिया के रोलैंड एज़ुरुइके ने सिल्वर और मलेशिया के बोनी बन्याउ गुस्टिन ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
दूसरे दिन कैसा रहा भारत का प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स के दूसरे दिन भारत ने पावरलिफ्टिंग के अलावा स्विमिंग, बॉक्सिंग और लॉन बॉल्स में भी मजबूत दावेदारी पेश की। पैरा स्विमिंग में पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा के फाइनल में भारत के कार्तिक बुदिगीना चौथे स्थान पर रहे, जबकि साथी तैराक इमाम अली सातवें स्थान पर रहे। वहीं मुक्केबाजी में भारतीय मुक्केबाज जादुमणि सिंह ने अपने मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करते हुए अगले दौर में प्रवेश किया। कुल जमा देखें तो भारत ने दूसरे दिन का अंत 1 कांस्य पदक के साथ किया, और आने वाले दिनों में देश को कई अन्य खेलों से और अधिक पदकों की उम्मीद है।
