खुद को बाबा बताने वाले भगोड़े नित्यानंद अपने अलग मुल्क कैलासा की ई-सिटिजनशिप देने को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोल होते नजर आए। गुरुवार (दो मार्च, 2023) को माइक्रो ब्लॉगिंग मंच टि्वटर पर कैलासा के सुप्रीम पॉइंटऑफ ऑफ हिंदुइज्म नित्यानंद (@SriNithyananda: एसपीएच) के हैंडल से जब वहां की नागरिकता देने से जुड़ा फोटो शेयर किया गया, तो लोग उस पर मजे लेने लगे और इसे स्वांग या नौटंकी करार देने लगे। उल्टा कुछ लोगों ने यह सवाल उठा दिया कि भैया, यह कैलासा आखिरकार कहां है?
कैलासा वाले टि्वटर हैंडल से जो फोटो शेयर किया गया था, उसमें नित्यानंद की मुस्कुराते हुए तस्वीर थी और वह उसमें किसी राजा की वेश-भूषा में नजर आ रहे थे। तस्वीर पर एक क्यूआर कोड भी था और उसके बगल में लिखा- अभी रजिस्टर करें और अपनी कैलासा की ई-सिटिजनशिप फ्री में हासिल करें। फोटो में नीचे लिखा था- यह एसपीएच की पहल है, जो कि कैलासा को दुनिया के बीच लेकर आएगी।
@jibriyas के हैंडल से कहा गया, "जिनको हिंदू राष्ट्र चाहिए वे आवेदन जरूर करें।" @Satya_nyaay ने लिखा कि यह नौटंकी है। @deepsealioness ने कमेंट किया कि क्या मैं अपना नंबर दिए रजिस्टर कर सकती हूं, क्योंकि मुझे नहीं पता कि यह यूनाइटेड स्टेट ऑफ कैलासा कहां है? @AlanIgnatius ने बताया, "भारत ने कभी भी दोहरी नागरिकता को अनुमति नहीं दी है।" @machanae1 ने कहा कि वहां पहुंचते कैसे हैं? @bharat_vijeta ने लिखा, "हर हिंदुस्तानी सनातनी को ऑटोमैटिक सिटिजनशिप मिल जानी चाहिए।" @shilpasunil_rao ने पूछा कि क्या कर मुक्त जगह है?
दरअसल, नित्यानंद रेप के आरोप (महिला श्रद्धालु ने 2010 में) लगने के बाद साल 2019 में भारत छोड़कर भाग गए थे। हालांकि, बाद में कुछ समय तक गिरफ्तार भी रहे। हालांकि, यह आज तक साफ नहीं हो सका कि वह फरार होकर कैलासा कैसे पहुंच गया। 2019 में उसने दावा किया था कि इक्वाडोर के तट के नजदीक उसने एक आइलैंड (द्वीप) खरीदा है, जिसे वह यूनाइटेड स्टेट ऑफ कैलासा कहते हैं।
