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Video: जिस सिंदूर को मांग में भरकर पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं महिलाएं, देखिए फैक्ट्री में कैसे बनाया जाता है?

सिंदूर महिलाओं के सुहाग का प्रतीक है, जिसे कमीला के फलों से बनाया जाता है। इसकी प्रक्रिया में सूखे बीजों को पीस कर हल्दी, चूना और मरकरी मिलाया जाता है। इंस्टाग्राम पर इसे बनाने का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

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कैसे बनाया जाता है सिंदूर (Instagram)

KEY HIGHLIGHTS
  • महिलाओं के सुहाग का प्रतीक है सिंदूर
  • कमीला के फलों से बनाया जाता है सिंदूर
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Sindoor Making Process: सिंदूर भारतीय परंपरा में महिलाओं के सुहाग का प्रतीक है और इसे हर सुहागिन महिला अपनी मांग में लगाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिंदूर कैसे बनाया जाता है? हाल ही में इस प्रक्रिया से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सिंदूर निर्माण के पीछे की कड़ी मेहनत और तकनीक का प्रदर्शन किया गया है।

सिंदूर बनाने की प्रक्रिया में सबसे पहले कमीला के पौधे से फल लिए जाते हैं। इसके सूखे फलों के बीज को अच्छे से सूखने के बाद इसे पीसा जाता है। फिर इसमें हल्दी, चूना और मरकरी जैसे तत्वों को मिलाकर एक विशिष्ट मिश्रण तैयार किया जाता है। यह मिश्रण सटीक रंग और गुणवत्ता के लिए फैक्ट्री में चेक किया जाता है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद, सिंदूर को ग्राहकों के लिए पैक करके वितरित किया जाता है।

कैसे बनाया जाता है सिंदूर

इस वीडियो को 'ghumakadvlogs' नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया गया है, जिसे हजारों लोगों ने देखा है। वीडियो में सिंदूर बनाने की कला को दिखाते हुए, यह दर्शाता है कि कैसे विभिन्न प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग करके एक महत्वपूर्ण परंपरा को जीवित रखा जा रहा है। भारतीय संस्कृति में सिंदूर का महत्व न केवल धार्मिक है, बल्कि यह महिला शक्ति का भी प्रतीक है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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