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Taj Mahal के सामने काला ताजमहल बनवाने वाले थे शाहजहां! इस वजह से ड्रॉप कर दिया था आइडिया

  • Authored by: आदित्य साहू
  • Updated Dec 15, 2022, 06:59 PM IST

Black Taj Mahal: क्या आप जानते हैं कि ताजमहल के सामने एक और ताजमहल बनने वाला था। जब आगरा में सफेद ताजमहल का निर्माण हो गया तो मुगल सम्राट शाहजहां ने उसी के सामने एक और ताजमहल बनवाने के बारे में सोचा। यह काफी भव्य बनने वाला था। इसकी डिजाइन हूबहू ताजमहल के जैसी होने वाली थी।

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काला ताजमहल (TOI)

KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी सरकार की वेबसाइट में है काले ताजमहल का जिक्र
  • ताजमहल के सामने बनना था काला ताजमहल
  • हूबहू ताजमहल के जैसी होने वाली थी इसकी डिजाइन

Black Taj Mahal: 'ताजमहल' को यूं ही दुनिया के सात आश्चर्यों में से एक नहीं माना गया है। ताजमहल की खूबसूरती की पूरी दुनिया दीवानी है। सफेद संगमरमर से बना ताजमहल देखकर हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है। हर कोई एक बार मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार जरूर करना चाहता है। क्या आप जानते हैं कि ताजमहल के सामने एक और ताजमहल बनने वाला था। अगर बनता तो यह ताजमहल काले रंग का बनता और इसे काला ताजमहल कहा जाता। इतिहास के पन्नों में इस काले ताजमहल का जिक्र मिलता है।

शाहजहां बनवाना चाहते थे काला ताजमहल!

काला ताजमहल के बारे में कहा जाता है कि जब आगरा में सफेद ताजमहल का निर्माण हो गया तो मुगल सम्राट शाहजहां ने उसी के सामने एक और ताजमहल बनवाने के बारे में सोचा। वह चाहते थे कि ताजमहल के सामने ही एक काला ताजमहल बने। यह पूरी तरह काले पत्थरों से बनवाया जाना था। हालांकि, शाहजहां की यह ख्वाहिश कभी पूरी नहीं हो सकी। इसकी कई वजहें बताई जाती हैं। इसे लेकर अलग-अलग इतिहासकारों का अलग-अलग मत है। यूपी सरकार की वेबसाइट के मुताबिक, शाहजहां काले संगमरमर से एक और ताजमहल बनवाना चाहते थे। यह काफी भव्य बनने वाला था। इसकी डिजाइन हूबहू ताजमहल के जैसी होने वाली थी।

माहताब बाग में बनना था काला ताजमहल!

काला ताजमहल यमुना नदी के पार वाले इलाके यानि माहताब बाग में बनाया जाना था। आज भी वहां आधार बना हुआ है। कहा जाता है कि यह काले ताजमहल के लिए बनाया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सफेद ताजमहल में शाहजहां के बेगम मुमताज की कब्र बनाई गई थी। वहीं, काले ताजमहल में शाहजहां खुद का मकबरा बनवाना चाहते थे। हालांकि, उनका यह सपना इस वजह से पूरा नहीं हो सका, क्योंकि उनके बेटे औरंगजेब से उनका टकराव शुरू हो गया था। औरंगजेब ने अपने पिता शाहजहां को जेल में डाल दिया था। इस बात का जिक्र यूरोपियन लेखकर 'जेन-बैप्टाइज टेवरनियर' ने किया था। वह साल 1665 में आगरा आए थे।

आदित्य साहू
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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