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देश के असली 'रतन' के बारे में नितिन गडकरी ने सुनाया ऐसा किस्सा, सादगी भरे अंदाज पर दिल हार बैठेंगे

बुधवार की रात रतन टाटा ने 86 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। इसके बाद से ही सोशल मीडिया की दुनिया में मानिए मातम सा छा गया है। हर कोई टाटा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है तो कोई देश के लिए अपूरणीय क्षति बता रहा है। ऐसे में नितिन गडकरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे रतन टाटा की सादगी के बारे में बता रहे हैं।

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रतन टाटा की सादगी पर नितिन गडकरी का वीडियो वायरल

KEY HIGHLIGHTS
  • नितिन गडकरी का वीडियो वायरल
  • टाटा साहब की सादगी पर कहीं ये बात
  • वीडियो ने मचाया सोशल मीडिया पर धमाल

Ratan Tata Simplicity: देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का बुधवार को निधन हो गया। उद्योगपतियों की दुनिया से हटकर भी उनकी एक अलग पहचान थी, जिसके लिए वे दुनियाभर में जाने जाते थे। उन्हें उनके स्वभाव और देश के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता था। ऐसे में उनके जाने से देश को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसे कभी भरा न जा सकेगा।

इस बीच नितिन गडकरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वे रतन टाटा की सादगी के बारे में बता रहे हैं। इस किस्से को सुनकर आपका सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा। टाटा साहब अपने इसी अंदाज के लिए जाने जाते थे। वीडियो के वायरल होते ही लोग और भी टाटा साहब के दिल लगा बैठेंगे। अपने कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने काम किया।

रतन टाटा की सादगी पर नितिन गडकरी का वीडियो वायरल

वीडियो में नितिन गडकरी कहते हैं कि रतन टाटा जी मेरे अच्छे मित्र हैं। एक बार वे मुंबई के मालाबार स्थित मेरे घर आ रहे थे और रास्ता भूल गए। फिर उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि नितिन तुम्हारे घर का रास्ता भूल गया हूं। मैंने कहा अपना फोन ड्राइवर को दीजिए। इस पर टाटा साहब ने कहा कि ड्राइवर नहीं है, मैं खुद ही गाड़ी चला रहा हूं। इतना ही नहीं, इस वीडियो में आप टाटा साहब की सादगी भरे कई और किस्से भी सुन सकते हैं, जो बेहद प्यारा है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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