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Viral Video: इंटरनेट पर वायरल हुआ बच्चों को चुप कराने का निंजा टेक्निक, यूजर्स बोले - ऐसा भी होता है क्या

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रोते हुए बच्चे को शांत कराने के लिए अनोखा तरीका अपनाया जा रहा है। इस वीडियो को देख लोगों का कहना है कि बच्चा चुप कराने का ये निंजा टेक्निक है।

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बच्चा चुप कराने का निंजा टेक्निक (X)

KEY HIGHLIGHTS
  • बच्चा चुप कराने का निंजा टेक्निक
  • सिर पर फेंक एक चीज का स्लाइस
  • जमकर वायरल हो रहा ये वीडियो

Ninja Technique To Silence Children: जन्म से पांच साल बच्चे हर छोटी-छोटी बात पर रोते हैं। इसका मुख्य कारण होता है कि वे अपनी बात नहीं कह पाते। शायद इसीलिए भूख लगने पर, दर्द होने पर या और कोई समस्या होने पर वे रोने लगते हैं। कई बार तो बच्चे अपने मां-बाप को देखकर भी रोने लगते हैं। ऐसे में उन्हें चुप कराने के लिए न जाने क्या-क्या करना पड़ता है। लेकिन अब आपका बच्चा आसानी से चुप हो जाएगा, वो भी इस निंजा टेक्निक से।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बच्चा रोता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में बच्चे की मां उसे चुप कराने के लिए उसके सिर पर एक चीज का स्लाइस फेंक देती है और फिर बच्चा एकदम से शांत हो जाता है। अब लोगों को महिला का ये निंजा टेक्निक काफी पसंद आ रहा है और लोग काफी तारीफ भी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर बच्चे ऐसे शांत होते हैं तो ये बढ़िया तरीका है।

बच्चा चुप कराने का निंजा टेक्निक

एक्स पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर काफी लाइक और कमेंट्स भी आ रहे हैं। ऐसे में एक यूजर ने लिखा है कि ये तो मॉम ऑफ द ईयर निकली। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि बच्चा चौंक गया होगा, उसके साथ क्या हुआ। बता दें, इस वीडियो को '@awkwardgoogle' नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है, जिसे अब तक 1 लाख 83 हजार से अधिक लोगों ने देख लिया है और 800 से अधिक लोगों ने लाइक भी किया है।

Kishan Gupta
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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